नई दिल्ली: टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अपनी टीम को मैं हूं..छेड़ना नहीं छोड़ना सीखो…का नया नारा दिया है. ऐसा इसलिए क्योंकि सवाल सिर्फ नागपुर या उसके बाद होने वाले दिल्ली टेस्ट का नहीं है. बल्कि अब कप्तान कोहली के निशाने पर हैं साउथ अफ्रीका. ऐसे में क्या है टीम इंडिया का गेम प्लान है इसी पर पर बात करेंगे. सीरीज श्रीलंका के साथ है लेकिन विराट के दिमाग में साउथ अफ्रीका है.इसीलिए वो तैयारी भी उसी अंदाज में कर रहे हैं ताकि अफ्रीकी कंडीशन में उन्हें हार का मुंह नहीं देखना पड़े. ठीक 2 साल पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच की इन तस्वीरों के बाद आईसीसी में भारतीय पिचों की आलोचना शुरू हो गई थी.

आलोचनाओं के उस दौर में विराट कोहली और रवि शास्त्री खुलकर पिचों के समर्थन में आवाज़ उठाई थी. एक बार फिर कोहली और शास्त्री की जोड़ी उसी 22 गज की पिच के सामने है, स्पिन के जादू से घूम जाने वाली विकेट से बदलकर अब तेज और तूफानी गेंदबाज़ों के लिए मददगार बन चुकी हैं. और ये सबकुछ विराट कोहली की रणनीति का ही हिस्सा है. विराट कोहली के मन में प्रोटियाज़ सरजमीं पर प्रैक्टिस ना कर पाने का गम तो है, लेकिन उस मुश्किल दौरे से पहले ही विराट खुद और अपनी टीम को तैयार करने की फिराक में हैं. तैयारी ऐसी की दुनिया भी हैरान रह जाए. शिखर धवन और भुवनेश्वर कुमार जैसे मैच विनर टीम में नहीं तो कोई शिकन नहीं.

बता दें कि जिस मिशन पर विराट लगे हैं, उसमें एक-दो खिलाड़ी के बाहर होने का असर पड़ना भी नहीं चाहिए. दक्षिण अफ्रीका रवानगी से ठीक पहले विराट कोहली के लिए जरूरी है कि उनका हर बल्लेबाज़, हर गेंदबाज़ तरह लय में हो, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका को उसके घर पर हराना है तो ऐसी अभेद सेना बनानी होगी, जिससे टकराते ही विरोधी चकनाचूर हो जाए सीरीज श्रीलंका के साथ है. लेकिन विराट के दिमाग में साउथ अफ्रीका है. इसीलिए वो तैयारी भी उसी अंदाज में कर रहे हैं. ताकि अफ्रीकी कंडीशन में उन्हें हार का मुंह नहीं देखना पड़े. ठीक 2 साल पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच की इन तस्वीरों के बाद आईसीसी में भारतीय पिचों की आलोचना शुरू हो गई थी.आलोचनाओं के उस दौर में विराट कोहली और रवि शास्त्री खुलकर पिचों के समर्थन में आवाज़ उठाई थी.

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