नई दिल्ली: साउथ अफ्रीका दौरे पर पहुंची टीम इंडिया की अग्निपरीक्षा 5 जनवरी से शुरू होने वाली है. प्रोटियाज़ ने सीरीज शुरु होने से पहले ही विराट कोहली को छेड़ दिया है. पूर्व अफ्रीकी दिग्गज फिलेंडर ने टीम इंडिया को घर में शेर कह कर विराट को छेड़ दिया है. फिलेंडर ने कहा कि केपटाउन में टीम इंडिया की असली परीक्षा होगी. वहीं साउथ अफ्रीका के पूर्व गेंदबाज एलन डोनाल्ड विराट कोहली को बहुत बड़ा बल्लेबाज बताया है. उन्होंने कहा कि टीम इंडिया का बैटिंग लाइन अप अच्छा है. पिच और कंडीशन्स के लिए तैयार है. लेकिन साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी ये भूल रहे है कि अफ्रीकी सफारी में विराट का बल्ला बेखौफ चलता है. जिसका सबूत है 2013-14 में जोहान्सबर्ग टेस्ट में विराट की ये दो पारियां. विराट के नाम दो टेस्ट में 68.00 की औसत के साथ 272 रन हैं.जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक है.

एक बात और कि विराट के साथ-साथ टीम इंडिया के 4 बल्लेबाज ऐसे हैं जो अफ्रीकी पिचों के चैलेंज को पहले भी पास कर चुके हैं. पुजारा ने साउथ अफ्रीका में खेले 4 टेस्ट मैच में एक शतक और एक एर्धशतक के साथ 44.42 की औसत से 311 रन बनाए हैं. विराट के साथ ही पुजारा के नाम भी साउथ अफ्रीका में टेस्ट शतक दर्ज है. वहीं अजिंक्य रहाणे ने भी 2 मैच में 2 अर्धशतक के साथ 69.66 की औसत से 209 रन बनाए हैं. हालांकि ओपनर मुरली विजय के नाम साउथ अफ्रीका में 3 टेस्ट में 29.33 की औसत से सिर्फ 176 रन हैं. तभी तो पिछले दो दौरों की कसर निकालने के लिए इस बार विजय अटैकिंग बैटिंग का ऐलान कर रहे हैं. यह तो तय़ है कि फिलेंडर को करारा जवाब मैदान पर बल्ले से बखूबी मिलने वाला है और मैदान पर स्लेजिंग कर छेड़ा.

तो छोड़ना विराट की सेना जानती ही नहीं. कुछ ऐसे ही बल्ला चलाना होगा, जीत के लिए फिर इतिहास दोहराना होगा. केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर एडिलेड का ओवल बनाना होगा. केपटाउन का एक-एक आकंड़ा आपको दिखाएंगे. लेकिन उससे पहले समझिए कि आखिर हम एडिलेड ओवल की बात क्यों कर रहे हैं. टीम इंडिया की विदेशी सरजमीं पर बड़ी जीत हिंदुस्तान को तभी मिली है, जब पहली पारी में भारत ने 400 से ज्यादा का स्कोर बनाया. 2003 एडिलेड ओवल में भारत ने 523 रन बनाए थे और मैच 4 विकेट से जीता था. जबकि 2007 नॉटिंघम में पहली पारी में 481 रन बनाकर 7 विकेट से मैच अपने नाम किया. 2003 एडिलेड ओवल में भारत ने 523 रन बनाए थे और मैच 4 विकेट से जीता था. जबकि 2007 नॉटिंघम में पहली पारी में 481 रन बनाकर 7 विकेट से मैच अपने नाम किया.

केपटाउन दक्षिण अफ्रीका का भी अभेद किला है, और ये किला तभी फतेह होगा, जब हमारे बल्लेबाज़ अपनी पहली पारी 400 से ज्यादा का स्कोर टांगे. 400 से कम में मैच के जीतने की कम ड्रॉ कराने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है. लेकिन 400 का स्कोर बनेगा ये संभव है. ऐसा होगा ये मुमकिन है. क्योंकि ये भारतीय टीम कुछ अलग करने का इरादा लिए ही मैदान पर उतरती है. लेकिन केपटाउन में संभलना भी जरूरी है. केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच 4 टेस्ट खेले गए हैं, जिसमें से 2 टेस्ट दक्षिण अफ्रीका ने जीते, जबकि 2 टेस्ट ड्रॉ रहे. इतिहास में इन 2 ड्रॉ टेस्ट को भी जीत मानना गलत नहीं होगा. क्योंकि अफ्रीका को यहां ड्रॉ कराने की आदत नहीं.

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