केपटाउन: टीम इंडिया साउथ अफ्रीका में अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर इतिहास रचने का दम भर रही है. लेकिन अगर उनके बनाए मौके को स्लिप फील्डर इस कदर गंवाएंगे. तो जीतने की बात सोचना भी नागवार होगा. दूसरी ओर इस मामले में प्रोटियाज टीम का पलड़ा भारी नजर आता है. पिछले कुछ सालों में स्लिप में भारत ने सिर्फ 42 फीसदी कैच लपके हैं. वहीं दक्षिण अफ्रीकी टीम ने इस मोर्चे पर 66 फीसदी शिकार पकड़े हैं. साफ है स्लिप कैचिंग टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी है. यही वजह है कि कप्तान विराट कोहली इसकी जोर शोर से प्रैक्टिस करते नजर आए. लेकिन अफ्रीका में जीत का पताका फहराना है तो कप्तान कोहली की तरह पूरी टीम को स्लिप की इस बड़ी खामी को दूर भगाना होगा. बता दें कि भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 5 जनवरी से पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा. इससे पहले दोनों ही टीमें खासकर टीम इंडिया पूरे दम-खम के साथ प्रैक्टिस में जुटी हुई है.

भारतीय खिलाड़ियों की ये तस्वीरें डराने वाली हैं. दक्षिण अफ्रीका में काम बिगाड़ने वाली है. टीम इंडिया ने अगर इस पर लगाम नहीं लगाया.तो प्रोटियाज की सरजमीं पर सीरीज जीत का ख्वाब अधूरा भी रह सकता है. हम ऐसा क्यों कह रहे हैं. उसे जरा इन आंकड़ों से समझिए.
– साल 2011 से विराट कोहली ने टेस्ट मैचों में स्लिप में 32 कैच लिए जबकि 29 छोड़े.
– रहाणे ने 44 पकड़े, 12 छोड़े
– मुरली विजय ने 18 लपके 12 छोड़े
– शिखर धवन ने 15 पकड़े 8 छोड़े
– लोकेश राहुल ने 9 पकड़े 6 छोड़े
– रोहित शर्मा ने 7 पकड़े 4 छोड़े
– जबकि आर अश्विन ने 4 पकड़े और 5 छोड़े

ऐसे में उपर दिए आकड़ों के हिसाब से कैच पर स्लिप के मामले में टीम इंडिया का प्रदर्शन निराशा जनक रहा है. आगे भी यही स्थिति रही तो टीम को मुसिबत झेलनी पड़ सकती है. हालांकि टीम में कुछ अच्छे प्लेयर हैं जो कैच लेने में माहिर माने जाते हैं लेकिन स्लिम में मामला थोड़ा उल्टा पड़ जाता है क्योंकि यहां खड़े फिल्डर को समय बहुत कम मिलता है.

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