नई दिल्ली: भारत के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जमकर पसीना बहा रहे हैं. ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर नए-नए तरह से अभ्यास में जुटे हुए हैं. यहां तक की एक बार तो पैड उल्टा पहनकर ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज अभ्यास करने लगे.
 
लेकिन पर यहां मामला उल्टा है. सामने के पैर पर कोई पैड नहीं है. दरअसल ये नया तरीका इसलिए कंगारू अपना रहे है ताकि वो भारतीय स्पिनर्स की गेंद विकेट की लाइन में पैड पर कम लगे. बिना पैड की प्रेक्टिस की एक और बड़ी वजह है कि आस्ट्रेल्याई बल्लेबाज घूमती गेंदो से नहीं. ना घूमने वाली गेदो पर आउट होते रहे हैं. कुछ दिन पहले ही जब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों की 22 गज की पट्टी पर कलई खुल गई थी. खासकर लेफ्ट आर्म स्पिनर के खिलाफ इस टीम की कमजोरी दुनिया ने देखी. 
 
 
अक्षर पर विराट की नजर
जो काम बांग्लादेश में शाकिब और तेजुल ने किया वो ही काम विराट अक्षर पटेल से कराना चाहते हैं.शाकिब और तेजुल के खिलाफ 4 पारियों में कुल 18 विकेट लिए थे. अक्षर पटेल ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज़ की 4 पारियों में 3.85 की इकॉनोमी से कुल 6 विकेट लिए. अक्षर की जैसी गेंदबाज़ी स्टाइल है, जैसी तेजी है उसके सामने ऑस्ट्रेलिया की मुख्य ताकत स्वीप मारना बिल्कुल आसान नहीं.अक्षर का रोल इसलिए भी अहम होगा क्योंकि विदेशी सरजमीं पर स्टीव स्मिथ की सबसे खराब औसत लेफ्ट आर्म स्पिनर के ही खिलाफ है. 
 
आस्ट्रेलिया स्पिन के खिलाफ मजबूत तैयारी कर रहा है. बिना पैड के बैट से खेलने की कोशिश. स्वीप शाट्स खेलने पर जोर. उनकी बेचैनी को भी दर्शा रहा है. जो विराट के लिए अच्छे संकेत हैं क्योंकि गेंद पिछले पैर पर भी लग सकती है. सीरीज के पहले मैच से ही आस्ट्रेलिया को भारतीय स्पिनर्स विराट की रणनीति के साथ बैकफुट पर भी ढकेल सकते हैं. 
 
 
जब पिछली बार ऑस्ट्रेलिया हिंदुस्तान आया था, तब रोहित ने शानदार बैटिंग की थी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित शर्मा का ये दोहरा शतक सबकुछ कहने के लिए काफी है. जिस श्रीलंकाई सरजमीं पर रोहित शर्मा को फिसड्डी कहा जाता था, उस जगह जब रोहित ने लगातार दो शतक बना डाले तो समझना मुश्किल नहीं कि इस बार वो कैसी फॉर्म के साथ सीरीज़ में उतरने वाले हैं. ऑस्ट्रेलिया क्यों हैं रोहित का पसंदीदा शिकार, वो समझिए.
 
रोहित शर्मा ने जनवरी 2013 के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली 13 पारियों में 110.40 की औसत से 1,104 रन बनाए हैं, जिसमें रोहित ने 5 शतक बनाए हैं.  ऑस्ट्रेलिया के पास ना इस सीरीज़ में मिचेल स्टार्क है और ना जोस हेजलवुड. कोई स्पिनर भी ऐसा नहीं जिसमें रोहित के बल्ले के तूफान को रोकने की कुव्वत हो. यानि रोहित का औसत सीरीज़ के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 200 का हो जाए तो आश्चर्य मत कीजिएगा. 
 

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