दांबुला: श्रीलंका के खिलाफ पांच वनडे मैचों की सीरीज के पहले मैच में जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम की बल्लेबाजी सबसे ज्यादा चर्चा में रही है. खासकर शिखर धवन और कप्तान विराट कोहली की. तेज रफ्तार से निकले इनके शॉट्स को भी आप अक्सर देखते होंगे. लेकिन हैरानी की बात की लंबे और पॉवरफुल शॉट्स को मारने वाले ये बल्लेबाज ना तो शरीर से बहुत ताकतवर हैं और ना ही कद काठी से.
 
ऐसे में सवाल ये खड़ा होता है कि गोली जैसे शॉट्स आते कहां से हैं. जवाब है ट्रिगर प्वाइंट. ट्रिगर प्वाइंट मतलब स्टांस, जहां से बड़े शाट्स खेलने की ताकत बनती है. विराट कोहली का ट्रिगर प्वाइंट की बात करे तो पैर और शरीर का संतुलन ऐसा कि शॉट खेलने से पहले सिर स्थिर रहता है. दिमाग के कमांड की वजह से विराट क्रीज पर गोली की रफ्तार से गेंद की लेंथ और लाइन को पढ़ते हैं और फिर शॉट्स खेल कर गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाते हैं.
 
 
विराट की तरह ही शिखर धवन अपने ट्रिगर प्वाइट पर बहुत फोकस करते हैं.  स्टांस में शिखर का सिर पूरी तरह स्थिर रहता है और क्रीज पर उनका सहज मूवमेंट उनकी बल्लेबाजी की ताकत है. जिसका असर श्रीलंका में देखने को मिल रहा है. शिखर धवन वनडे क्रिकेट में लगातार  6 फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज़ हैं. दांबुला में उन्होंने 71 गेंद पर शतक बनाया जो कि उनके करियर का सबसे तेज शतक हैं. 
 
 
शिखर और विराट कोहली की इस जोड़ी ने दांबुला में अपने ट्रिगर के दम पर दंबगई दिखा दी. अभी रोहित का चलना बाकी है. जिनका ट्रिगर प्वाइंट सबसे खतरनाक है. क्योंकि वो बहुत लेट अपने शॉट्स खेलते है. साफ है बल्लेबाजी में ट्रिगर प्वांइट वो जगह हैं जहां से बल्लेबाज के क्लास का पता चलता है. और भारतीय बल्लेबाजों का क्लास हम श्रीलंका में लगातर देख रहे हैं. 

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