नई दिल्लीः रमजान का पवित्र महीना कल यानि 17 मई से शुरु हो रहा है. आज तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित देश के तमाम हिस्सों में चांद देखा गया. जिसके बाद रुयात-ए-हिलाल कमेटी और इमारत-ए-हिंद की बैठक में कल से रमजान शुरु होने का ऐलान कर दिया गया है. चंद्रमा या हिलाल के दिखने के बाद बाद ही रमजान का महीना शुरु होता है. जिसके मुताबिक रमजान में मुसलमान रोजे रखने की शुरुआत 17 मई से करेंगे. रमजान का ये महीना 17 या 18 जून को खत्म होगा. क्योंकि इस्लामी कलेंडर के हिसाब से चंद्र महीने में 29 या 30 दिन होते हैं.

रमजान का महीना दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रमजान का सबसे पत्रित्र महीना होता है. इस्लामी कलेंडर के हिसाब से रमजान नौंवा महीना होता है. इस्लामी केलेंडर चांद की स्थितियों के आधार पर चलता है. इस्लाम के इस हिजरी कलेंडर की शुरुआत 622 ई. में हुई थी. जब पैगम्बर मुहम्मद मक्का से मदीना के लिए गए थे.

रमाजन के लिए ऐसा माना जाता है कि जब मोहम्मद साहब 610 ई में लेयलत उल कद्र के मौके पर पवित्र कुरान का ज्ञान प्राप्त हुआ था तभी से इस महीने को रमजान के रुप मे मनाया जाता है. इस्लामिक रवायतों के मुताबिक इस रमजान के महीने में मुसलमान लोगों को खास सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है. साथ ही इस दौरान मन में बुरे विचार न आने देने की भी सलाह दी जाती है. 

इस साल रमजान के पवित्र महीने का पहला रोजा लगभग 15 घंटे 11 मिनट का होगा और आखिरी रोजा लगभग 15 घंटे 35 मिनट का होगा. जिसमें पहले रोजे के लिए इफ्तारी का समय सुबह 3:33 मिनट और इफ्तारी का समय शाम 6:44 मिनट का होने का अऩुमान है.

 

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