नई दिल्ली. ज्योतिष अनुसार 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण काफी संवेदनशील होगा. इस दौरान छह ग्रह एक साथ वक्री अवस्था में होंगे. वक्री होने का मतलब है कि ग्रहों की चाल उल्टी पड़ जाएगी, जिसका सीधा असर मानव जीवन और राशियों पर पड़ेगा. माना जा रहा है कि कई दशकों बाद ऐसा संयोग बन रहा है. ज्योतिष का कहना है कि 21 जून को मिथुन राशि में लगने वाला सूर्य ग्रहण शुभ नहीं हैं. वहीं प्राकृतिक आपदाओं के भी संकेत बताए जा रहे हैं, जिसमें तूफान, आंधी और महामारी होने के कारण जनजीवन पर पभाव पड़ेगा. 

सूर्य ग्रहण का समय
ग्रहण की अवधि लगभग साढ़े तीन घंटे की होगी. भारतीय मानक समय अनुसार ग्रहण 21 जून को दिन में 10 बजकर 42 मिनट पर आरंभ होगा. ग्रहण का मध्य 12 बजकर 29 मिनट पर होगा और इसका मोक्ष दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर होगा. मध्य में लगने वाला ग्रहण सबसे ज्यादा प्रभावी रहेगा. इस दौरान संभलकर रहने की जरूरत है.

क्या होता है ग्रहण का सूतक काल
चंद्र ग्रहण में 9 घंटे पहले और सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं होते और ना ही देवी देवताओं के दर्शन किए जाते हैं. लेकिन ग्रहण के छूटते ही सूतक काल भी समाप्त हो जाता है और इसके बाद शुभ कार्य और पूजा पाठ भी शुरू हो जाते हैं.

किन राशियों पर पड़ेगा सूर्य ग्रहण का कैसे प्रभाव
21 जून को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण का असर सबसे ज्यादा मिथुन राशि पर पड़ेगा. इसका कारण यह है कि पंचांग के अनुसार 21 जून को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है. ऐसे में इस दिन मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में यह ग्रहण लगेगा. इसलिए मिथुन राशि पर सूर्य ग्रहण अधिक प्रभाव पड़ेगा. इसके अलावा वृषभ, कर्क, तुला, कुंभ,वृश्चिक, धनु, कुंभ और मीन सहित आठ राशियों पर भी सूर्य ग्रहण का मिला-जुला असल देखने को मिलेगा

साल 2020 में पड़ने वाले ग्रहण
1. चंद्र ग्रहण- 10 जनवरी को लगा था
2.चंद्र ग्रहण-5 जून
3. सूर्य ग्रहण-21 जून
4. चंद्र ग्रहण – 5 जुलाई
5. चंद्र ग्रहण-30 नवंबर
6.सूर्य ग्रहण – 14 दिसंबर

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