Surya Grahan 2019: सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि से प्रकृति, व्यक्ति और जीव जंतुओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है.सूर्य ग्रहण को धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अशुभ माना जाता है. इस वर्ष अभी तक 2 सूर्य ग्रहण लग चुके हैं. इस वर्ष का तीसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर 2019 को पड़ेगा. इस साल दिसबंर में 26 तारीख को पड़ने वाला यह सूर्य ग्रहण केरल में दिखाई देगा. इस सूर्य ग्रहण पर सूर्य आग की एक अंगूठी की तरह दिखाई देगा. आने वाले नये वर्ष 2020 में 6 ग्रहण लगने वाले हैं.

नये वर्ष की शुरुआत में 10 जनवरी को साल का पहला चंद्रग्रहण लेगा. इसके बाद अंतिम चंद्र ग्रहण 15 दिसंबर 2020 में लगेगा. इस मौके पर हरियाणा की तीर्थनगरी कुरुक्षेत्र में 26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण मेला का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश विदेश से लाखों श्रद्धालुओं पहुंचेंगे. यह सूर्यग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसे वैज्ञानिक की भाषा में वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है.

यह सूर्य ग्रहण भारत के साथ पूर्वी यूरोप, एशिया, उत्तरी-पश्चिमी आस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा. वर्ष 2019 का ये आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा, इसलिए ग्रहण के दौरान भारत में सूतक काल लगेगा. सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं कि.या जाता है. ग्रहण काल के दौरान कुछ नहीं बनाया जाता है.

सूर्य ग्रहण का समय

सूर्य ग्रहण दिसंबर 2019 प्रारंभ समय- 26 दिसंबर 2019 को सुबह 8 बजकर 17 मिनट तक

सूर्य ग्रहण दिसंबर 2019 परमग्रास- 26 दिसंबर 2019 को सुबह 9 बजकर 31 मिनट तक

सूर्य ग्रहण दिसंबर 2019 समाप्ति समय- 26 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 57 मिनट तक

सूर्य ग्रहण 2019 सूतक काल समय

सूतक काल प्रारंभ समय- 25 दिसंबर 2019 को शाम 05 बजकर 31 मिनट से

सूतक काल समाप्त- 26 दिसंबर 2019 अगले दिन सुबह 10 बजकर 57 मिनट तक

दिसंबर महीने में लगने वाला सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं होगा बल्कि पूर्ण सूर्यग्रहण होगा. जिसे खंडग्रास सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है. वैज्ञानिक की भाषा में कहें तो इस बार पड़ने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण है. वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य से दूर होने के बावजूद भी पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है. लेकिन यह पृथ्वी को पूरी तरह से अपनी छाया में नहीं ले पाता है.

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