नई दिल्ली. पृथ्वी से सूय ग्रहण और चंद्र ग्रहण दो तरहे के ग्रहण ही नजर आते हैं. सूर्य ग्रहण को लेकर वैज्ञानिक भाषा में बताया गया है कि जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा या कोई दूसरा ग्रह आता है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं. इसी तरह जब चांद और सूरज के बीच पृथ्वी आती है तो उसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है. इस साल का आखिरी ग्रहण अभी बाकी है जो 26 दिसंबर को पड़ने जा रहा है. यह साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी होगा. साल 2019 की शुरुआत चंद्र ग्रहण से हुई थी और खत्म सूर्य ग्रहण के साथ होगी. साल का पहला चंद्र ग्रहण 21 जनवरी को पड़ा था.

अमेरिका की नासा संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा. रिपोर्ट की मानें तो इस चंद्र ग्रहण की अवधि तीन मिनट हो सकती है. 26 दिसंबर को पड़ने जा रहा यह सूर्य ग्रहण सिर्फ ऑस्ट्रेलिया और एशिया के आसपास वाले इलाकों में दिखाई दे सकता है.

सूर्य ग्रहण के दौरान क्‍या करें और क्‍या न करें
1. जब सूर्य ग्रहण लगा हो तो किसी भी सूरत में आसमान को नंगी आंखों से न देखें.
2. ग्रहण के दौरान हमेशा सोलर फिल्टर वाले चश्मा पहनकर ही देखें.
3. इन चश्मों को सोलर-व्युइंग ग्लासेस, पर्सनल सोलर फिल्टर्स या आइक्लिप्स ग्लासेस कहा जाता है.
3. ग्रहण के समय घर से न निकलें. खासकर गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, रोगी और बच्चे बाहर नहीं जाएं.
4. ज्‍योतिषों की मानें तो ग्रहण के दौरान खाना खाने और पकाने की भी मनाही है.

सूर्य ग्रहण खत्म हो जाने के बाद क्‍या करें
1. ग्रहण के तुरंत बाद सभी कार्यों को छोड़कर पहले नहा लें.
2. अपने साथ घर के मंदिर में मौजूद सभी भगवानों की मूर्तियों को भी नहलाएं या फिर गंगाजल छिड़कें.
2. पूरे घर में धूप-बत्ती कर शुद्धीकरण जरूर करें.
3. ग्रहण के बाद घर में या बाहर मौजूद तुलसी के पौधे को भी गंगाजल डालकर स्वच्छ करें.
4. कहा जाता है कि ग्रहण के बाद मन की शुद्धी के लिए दान-पुण्य भी करना चाहिए.

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