नई दिल्ली: साल 2018 का पहला सू्र्यग्रहण 15 फरवरी मध्यरात्री से 16 फरवरी सुबह तक देखा जाएगा. बताया जा रहा है कि यह सूर्य ग्रहण आंशिक सूर्यग्रहण है. ऐसी मान्यता है कि किसी भी ग्रहण खासतौर पर सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए. दरअसल ग्रहण के दौरान निकलने वाले सोलर रेडिएशन से आंखों के नाजुक टिशु को भारी नुकसान पहुंचता है जिसके कारण आंखों में कम दिखने की समस्या हो सकती है. मेडिकल भाषा में इसे रेटिनल सनबर्न भी कहा जाता है. इसलिए आज हम आपको बता रहें है कि सूर्य ग्रहण को देखने से पहले क्या सावधानी बरतनी चाहिए.

सूर्यग्रहण के दौरान ध्यान रहे कि नंगी आंखों से सूरज को सीधा ना देखें. इससे आपकी आंखों को भारी नुकसान हो सकता है. वहीं सूर्यग्रहण के समय हमेशा सोलर फिल्टर वाले चशमों का ही प्रयोग करें. बता दें कि इन चश्मों को सोलर-व्युइंग ग्लासेस, आइक्लिप्स ग्लासेस अथवा पर्सनल सोलर फिल्टर्स भी कहा जाता है. दरअसल आपके नॉर्मल चश्में यूवी रेज से आखों को सुरक्षित नहीं कर सकते. इसके अलावा अगर ग्रहण के समय आपके पास आंखों को बचाने का कोई साधन नहीं है तो उन्हें बचाने के लिए सूर्यग्रहण के दौरान पीठ करके चलें. वहीं पिनहोल, टेलेस्कोप या फिर दूरबीन से भी सूर्यग्रहण को न देखें.

बतात चलें कि इस साल 15 फरवरी से शुरू होकर 16 फरवरी को समाप्त होने वाला साल 2018 यह पहला सूर्यग्रहण आंशिक सूर्यग्रहण है. यह ग्रहण दक्षिणी अमेरिका,
प्रशांत महासागर, आर्जेंटीना, चिली, ब्राजील और अंटार्कटिका आदि देशों में दिखाई देगा. हालांकि भारत में इस सूर्यग्रहण को देख पाना मुमकिन नहीं होगा. भारतीय समय अनुसार यह ग्रहण 16 फरवरी को 12:25 am पर शुरू होगा एवं इसका मोक्ष काल प्रातः 4 बजे होगा. ज्योतिषों की माने तो साल 2018 में 3 बार सूर्य ग्रहण लग सकता है.

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