नई दिल्ली/ हिंदू धर्म में पूर्णिमा व अमावस्या का विशेष महत्व होता है. अमावस्या और पूर्णिमा चंद्रमा की घटती बढ़ती कलाओं के कारण प्रत्येक माह तिथि पड़ती है. हर माह कृष्ण पक्ष की आखिरी तारीख को अमावस्या आती है. इस बार कृष्ण पक्ष की अमावस्या 12 अप्रैल को पड़ रही है. इस दिन सोमवार पड़ रहा है जिस वजह से इसे सोमवती अमावस्या कहा जा रहा है. खास बात ये है कि इस साल 2021 में सिर्फ एक ही सोमवती अमावस्या पड़ रही है इसलिए इसका महत्व कुछ ज्यादा है. शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या के दिन वाद-विवाद से बचना चाहिए। इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए. मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए.

सोमवती अमावस्या का महत्व

हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन स्नान, दान तथा अन्य धार्मिक कार्य किये जाते हैं. हर अमावस्या की तरह चैत्र अमावस्या के दिन पूर्वजों के पूजन का विधान है. वहीं इस बार सोमवार को पड़ने के कारण ये अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहालाएगी. सनातन धर्म में इस अमावस्या का विशेष महत्व है. पुराणों में कहा गया है कि इस दिन सुहागिन महिलाओं को अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्त्र गोदान का फल प्राप्त होता है.

चैत्र अमावस्या मुहूर्त 2021…
अप्रैल 11, 2021 को 06:05:18 से अमावस्या आरम्भ
अप्रैल 12, 2021 को 08:02:25 पर अमावस्या समाप्त

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