नई दिल्ली. 10 फरवरी को देशभर में Basant Panchami 2019 मनाई जाएगी. इस दिन मां सरस्वती की पूजा का विधान बताया गया है. कला, संगीत, शिल्प और ज्ञान-विज्ञान की देवी मां सरस्वती व्यक्ति के जीवन से अज्ञानता का अंधकार दूर कर देती हैं, इसके साथ ही उसके जीवन में नए उत्साह की प्राप्ति होती है. पूरे देश में बसंत पंचमी के दिन सरस्वती मां का पूजन किया जाता है. कहा जाता है कि अगर इस दिन पढ़ाई में कमजोर बच्चा मां की आराधना कर लें तो सरस्वती जी की कृपा उनपर बरस जाती है. आइए जानते हैं इस बार कब होगा सरस्वती पूजन शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व.

Saraswati Puja 2019: सरस्वती पूजन शुभ मुहूर्त
पूजा मुहूर्त– सुबह 6 बजकर 40 मिनट से शुरू होकर दोपहर के 12 बजकर 12 मिनट तक

पंचमी तिथि प्रारंभ– 9 फरवरी शनिवार दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से शुरू (मघ शुक्ल पंचमी)

पंचमी तिथि खत्म– 10 फरवरी रविवार दोपहर 2 बजरकर 8 मिनट तक

Saraswati Puja 2019: मां सरस्वती की पूजा विधि
इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान करें. सफेद या पीले कपड़े पहनकर मां सरस्वती के चित्र अथवा मूर्ति को घर की उत्तर पूर्व दिशा में स्थापित करें. इसके साथ ही मां को पीले-सफेद फूल और सफेद चंदन अर्पित करें. फिर माता का ध्यान कर ऊं ऐं सरस्वत्यै नम:मंत्र का जाप पूरे 108 बार करें. इसके बाद मां सरस्वती की आरती करें और तुलसी, दूध, दही और शहद मिलाकर पंचामृत प्रसाद तैयार करें और उससे मां सरस्वती को भोग चढ़ाएं.

Saraswati Puja 2019: मां सरस्वती पूजन का महत्व
इस दिन मां की पूजा का खास महत्व माना गया है. मां सरस्वती को को विद्या की देवी कहा जाता है. मान्यता है कि मां सरस्वती की जिस भी बालक पर कृपा बरस जाए उसकी बुद्धि अन्य बालकों से अलग और बहुत ही तेज होती है. ऐसे छात्र कठिन से कठिन विद्या को भी सरल मानकर जीवन में आगे बढ़ते हैं. खासतौर पर बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की अराधना जरूर करनी चाहिए.

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