नई दिल्ली. चैत्र नवरात्रि का पर्व जारी है. नवरात्रि के दौरान 9 दिन तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि की शुरुआत चैत्र प्रतिपदा 6 अप्रैल 2019 को हुई. चैत्र नवरात्रि का समापन रामनवमी के दिन होगा. चैत्र नवरात्रि के दौरान नौ दिन तक व्रत और उपवास किया जाता है. नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का खास महत्व रहता है. रामनवमी पर देवी मां की विशेष पूजा होती है, जिसमें कन्याओं की पूजन करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है.

रामनवमी का महत्व-
माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि की नवमी के दिन ही भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, इसलिए यह त्योहार रामनवमी के रूप में मनाया जाता है. साथ ही चैत्र नवरात्रि के समापन होने से भी यह दिन हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है. इस साल शनिवार 13 अप्रैल 2019 को रामनवमी है.

रामनवमी, अष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त-
शनिवार 13 अप्रैल सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक अष्टमी की तिथि रहेगी. इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी. रामनवमी के दिन महाव्रत कर नवरात्रि के नौ दिन तक किए गए व्रत का पारण किया जाता है. रामनवमी के दिन सुबह 8 बजकर 19 मिनट के बाद किसी भी समय कन्या पूजन कर सकते हैं. 

रामनवमी कन्या पूजन विधि-
चैत्र नवरात्रि के समापन औ रामनवमी के दिन कन्या पूजन का खास महत्व होता है. यदि आपने पूरे नौ दिन देवी मां का व्रत रखा है तो अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन कर व्रत का पारण करें. यह है कन्या पूजन की विधि-
– नौ कन्याओं को आदर पूर्वक घर बुलाएं.
– सभी कन्याओं को आसन पर बिठाएं और शुद्ध जल से उनके पैर धोएं.
– कन्याओं का तिलक कर उन्हें कलावा बांधें.
– माता रानी को भोग लगाएं और फिर कन्याओं को भोजन कराएं.
– भोजन के बाद सभी कन्याओं को अपनी श्रद्धानुसार कोई उपहार देकर विदा करें.
– इसके बाद खुद व्रत का पारण करें.

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