नई दिल्ली. 26 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का पावन त्योहार बनाया जाएगा. राखी का त्योहार भाई-बहन के बीच असीम प्‍यार का प्रतीक है. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, वहीं भाई राखी के त्योहार पर अपनी बहन की जीवनभर रक्षा करने का वचन देता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन का त्योहार हर साल श्रावण या सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. ऐसे में राखी बांधने से पहले सही मुहूर्त और पूजा विधि का ज्ञान होना भी बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि.

माना जाता है कि रक्षाबंधन के दिन दोपहर यानी अपराह्न के समय राखी बांधनी चाहिए. ऐसे में अगर दोपहर का समय न उपलब्ध हो तो प्रदोष काल में राखी बांधना उचित बताया गया है. वहीं भद्र काल के दौरान राखी बांधना बेहद अशुभ माना गया है. इस बार राखी बांधने का शुभ समय 26 अगस्त सुबह 5:59 बजे से शाम 5:25 बजे तक है. ऐसे में अपराह्न का मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 39 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 12 मिनट तक बताया गया है.

राखी बांधने की पूजा विधि

रक्षाबंधन के दिन सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें. जिसके बाद राखी की थाली को सजाएं. थाली में कुमकुम, रोली, अक्षत, पीली सरसों के बीज, दीप और राखी रख दें. जिसके बाद बहन अपने भाई को तिलक लगाकर उसके सीधे हाथ में राखी बांधें. कलाई पर राखी बंधने के बाद बहन अपने भाई की आरती उतारें. और इसके बाद मिठाई खिलाएं. ऐसे में अगर भाई उम्र में बड़ा है तो उसके चरण स्पर्श कर आशिर्वाद लें. वहीं अगर बहन बड़ी है तो भाई उसके चरण छूकर आशिर्वाद ले. बता दें कि राखी बांधने के बाद भाई इच्छा और सामर्थ्य के मुताबिक बहन को तोहफा दें.

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