नई दिल्ली. पितृपक्ष ( Pitru Paksh 2021 ) का महीना शुरू हो गया है, ऐसे में अपने पितरों के आत्मा की शान्ति के लिए श्राद्ध और तर्पण का प्रावधान है. अक्सर पितृ पक्ष के दौरान अनायास ही पितरों का ख्याल जेहन में आने लगता है. गरुण पुराण के अनुसार, पितृपक्ष के समय पितरों का सपने में आना एक विशेष प्रकार का संकेत देता है. इसका अर्थ है कि आपके पितृ आपसे नाराज़ हैं और कुछ कहना चाहते हैं.

पितृपक्ष के दौरान आने वाले सपनो का क्या है अर्थ

पितृपक्ष के दौरान अगर आपके पूर्वज बार-बार आपके सपने में आएं तो इसका मतलब है कि आपके पितृ आपसे नाराज़ हैं. इसके लिए आपको ब्राह्मण भोज करवाना चाहिए व वस्तुओं का दान करना चाहिए. अगर सपने में आपके पितृ आपको कष्ट में दिखते हैं तो इसका अर्थ है कि आपके जीवन में कोई बड़ी बाधा आने वाली है, इसके लिए आपको अपने घर में रामायण का पाठ करवाना चाहिए.

अगर सपने में आपको यमदूत दिखाई दें तो इसका अर्थ है कि आपके पितर कष्ट में हैं और आपसे नाराज हैं. इसके लिए पितृपक्ष में उनकी संतुष्टि के लिए उनकी पूजा करें और अन्न-जल का दान करना चाहिए. अगर सपने में आपको आपके पितृ रोते हुए दिखें तो इसका अर्थ है कि आपके पूर्वजों की इच्छाएं अधूरी हैं. ‘

अगर आपको सपने में आपके संतान बीमार दिख रहे हैं तो इसका अर्थ है कि आपके पूर्वज नाराज हैं और आपको सूचित कर अपने कर्मों में उनका भी ध्यान रखें. इसी तरह अगर सपने में आपको कुत्ते का काटना दिख रहा है तो इसके दो मतलब हो सकते हैं, एक तो ये कि आपके पितृ आपसे नाराज़ हैं, दूसरा आपके कुंडली में राहू शुभ स्थिति में नहीं है. इसके लिए आपको शनिवार को चितकबरे कुत्तों को रोटी पर तेल लगाकर खिला दें और पीपल पर जल देना शुरू कर दें.

 

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