नई दिल्ली. पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों का तर्पण कराते हैं. पितृ पक्षु को केवल पितृ पूजा के लिए जाना जाता है. प्रचलित कई मान्यताएं हैं कि जो लोग पितृ पक्ष में पूर्वजों का तर्पण नहीं कराते उन्हें पितृदोष लगता है. इसीलिए मुक्ति दिलवाने के लिए पितरों का श्राद्ध करवाना होता है. इन्हें श्राद्ध के माह में करवाने होते हैं. इस बार श्राद्ध 24 सिंतबर से शुरू हो रहे हैं.

पहला श्राद्ध इस बार सोमवार (24 सिंतबर) का पड़ रहा है. यह 24 सिंतबर 2018 से शुरू होकर 8 अक्टूबर 2018 सोमवार तक रहेगा. इस बीच ही श्रद्धालुओं को अपने पूर्वजों का तर्पण करवाना होगा. 24 सिंतबर को श्राद्ध माह की पूर्णिमा भी है. श्राद्ध का अंतिम दिन यानि सर्वपितृ अमावस्या, महालय अमावस्या 8 सिंतबर की है. देखिए कब पूरी पितृ पक्ष की तिथि और मुख्य दिवस की सूची.

 श्राद्ध की पूर्णिमा 24 सितंबर 2018
पहला श्राद्ध- 25 सितंबर 2018 : मंगलवार प्रतिपदा श्राद्ध
दूसरा श्राद्ध- 26 सितंबर 2018: बुधवार द्वितीय श्राद्ध
तीसरा श्राद्ध- 27 सितंबर 2018: गुरुवार तृतीय श्राद्ध
चौथा श्राद्ध- 28 सितंबर 2018: शुक्रवार चतुर्थी श्राद्ध
पांचवा श्राद्ध- 29 सितंबर 2018: शनिवार पंचमी श्राद्ध
छठा श्राद्ध- 30 सितंबर 2018: रविवार षष्ठी श्राद्ध
सांतवा श्राद्ध- 1 अक्टूबर 2018: सोमवार सप्तमी श्राद्ध
आंठवा श्राद्ध- 2 अक्टूबर 2018: मंगलवार अष्टमी श्राद्ध
नौवा श्राद्ध- 3 अक्टूबर 2018: बुधवार नवमी श्राद्ध
दंसवा श्राद्ध- 4 अक्टूबर 2018: गुरुवार दशमी श्राद्ध
ग्यारवा श्राद्ध- 5 अक्टूबर 2018: शुक्रवार एकादशी श्राद्ध
त्रेहरवा श्राद्ध- 6 अक्टूबर 2018: शनिवार द्वादशी श्राद्ध
चौदवा श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2018: रविवार त्रयोदशी श्राद्ध, चतुर्दशी श्राद्ध
8 अक्टूबर 2018: सोमवार सर्वपितृ अमावस्या, महालय अमावस्या

इस समय में ही करें पितृ पक्ष में श्राद्ध

कुतुप मुहूर्त : 11:48 से 12:36 तक
रौहिण मुहूर्त : 12:36 से 13:24 तक
अपराह्न काल : 13:24 से 15:48 तक

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