नई दिल्ली/ फुलेरा दूज त्यौहार भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है. इसे होली से जुड़े अनुष्ठान के रूप में भी जाना जाता है. इस त्यौहार को उत्तर भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है. इस साल फुलेरा दूज 15 मार्च 2021 को मनाया जाएगा. फुलेरा दूज के दिन ही राधा-कृष्ण के प्रेम को गोपियों ने फूल बरसाकर स्वीकृति मिली थी. इस दिन राधा कृष्ण की पूजा की जाती है.

जानिए फुलेरा दूज का महत्व

खगोलीय गणना के अनुसार, फुलेरा दूज का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है क्योंकि इसका हर पल सभी ‘दोष’ या दोषों से मुक्त होता है और इसे ‘अबूझ मुहूर्त’ के रूप में जाना जाता है. इसलिए शादी जैसे किसी भी समारोह को किसी भी ‘मुहूर्त’ या फुलेरा दूज पर आयोजित किया जा सकता है. इस दिन किसी भी पंडित या ज्योतिषी से सलाह लेना आवश्यक नहीं है. उत्तर भारत में, ज्यादातर शादियाँ इसी खास दिन से शुरू होती हैं. यदि कोई व्यक्ति एक नया व्यापार उद्यम शुरू करने की योजना बना रहा है, तो फुलेरा दूज से बेहतर कोई दिन नहीं हो सकता है.

फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त

द्वितीया तिथि प्रारंभ- 17:10, 14 मार्च 2021

द्वितीया तिथि समाप्त- 18:50, 15 मार्च 2021

जानिए फुलेरा दूज की धार्मिक मान्यता

धार्मिक मान्यता यह है कि इस दिन राधा कृष्ण की पूजा करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. फूलेरा दूज पर ब्रज की समस्त गोपियों ने राधा-कृष्ण के प्रेम की खुशी में फूल बरसाए थे, इस कारण से इस त्योहार का महत्व होता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने होली खेलने की परंपरा शुरू की थी.

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