नई दिल्ली. Paush Purnima Vrat 2020: पूर्णिमा का हिंदू धर्म में खास और बड़ा महत्व बताया जाता है. चंद्रमा को पूर्णिमा की तिथि प्रिय बताई गई है. इस दिन चंद्रमा अपने पूरे आकार में होता है. हिंदू ग्रंथों में पौष पूर्णिमा का खास महत्व बताया गया है. इस दिन स्नान और सूर्य भगवान पर जल चढ़ाना काफी ज्यादा लाभदायक बताया गया है. पौष पूर्णिमा के दिन वाराणसी ( काशी) प्रयागराज और हरिद्वार में गंगा के स्नान का भी बड़ा महत्व कहा जाता है. इस साल 10 जनवरी को पौष पूर्णिमा पड़ रही है.

क्या है पौष पूर्णिमा का महत्व
हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, पौष को सूर्य देव का माह कहा जाता है. मान्यता है कि पौष के मास में सूर्य देव की पूजा से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसलिए पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और सूर्य भगवान को अर्घ्य देने की खास परंपरा है. सूर्य और चंद्रमा का अद्भुत संगम पौष पूर्णिमा की तिथि को होता है. इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों के पूजन से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं.

क्या पौष पूर्णिमा व्रत- पूजा विधि
पौष पूर्णिमा के दिन सुबह के समय स्नान से पहले व्रत का संकल्प करें. फिर पवित्र नदी या कुंड में स्नान करें और स्नान से पहले वरुण देव को प्रणाम करें. स्नान के बाद सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें. नहाने के बाद भगवान मधुसूदन की पूजा करें. किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराकर दान करें. दान में तिल, गुड़, कंबल या ऊनी वस्त्र विशेष रूप से दें.

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