नई दिल्ली/ हिंदू धर्म के अनुसार प्रत्येक माह के दोनों पक्षों शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की ग्याहरवीं तिथि को एकादशी का व्रत किया जाता है. चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को तो हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है. इसे पापमोचनी एकादशी कहते हैं. मान्यता है कि पापमोचनी एकादशी पर व्रत करने से सभी पाप नष्ट हो जाते है. इस व्रत के बारे में खुद भगवान कृष्ण ने अर्जुन को समझाते हुए बताया था कि इस व्रत को रखने से समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है और वो व्यक्ति मोक्ष प्राप्त करता है. इस साल पापमोचनी एकादशी 07 अप्रैल दिन बुधवार को है.

जानकारों के अनुसार पापमोचनी एकादशी का अर्थ ही है पाप को नष्ट करने वाली एकादशी. इस दिन विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. साथ ही किसी की निंदा करने और झूठ बोलने से बचना चाहिए. मान्यता है कि एकादशी व्रत को विधि-विधान से रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

पापमोचनी एकादशी शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि शुरू: 07 अप्रैल दिन बुधवार से एकादशी लग रही है.

एकादशी व्रत पारण का मुहूर्त: 08 अप्रैल को दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से शाम 04 बजकर 11 मिनट तक.

पापमोचनी एकादशी व्रत मुहूर्त

पापमोचनी एकादशी व्रत पारणा मुहूर्त- 01:39 PM से 04:11 PM (8 अप्रैल)

पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय- 08:40 AM

पापमोचनी एकादशी पूजा विधि

  1. सबसे पहले सुबह उठकर स्नानादि कर लें
  2. भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप का ध्यान लगाएं
  3. दाएं हाथ में चंदन और फूल लेकर उनके व्रत का संकल्प करें.
  4. उन्हें पीले वस्त्र अर्पित करें.
  5. पीले फूल भी चढ़ाएं
  6. संभव हो तो श्री हरि को 11 पीले फल, 11 फूल और 11 पीली मिठाई अर्पित करें.
  7. फिर पीला चंदन और पीले जनेऊ अर्पित करें.
  8. इसके बाद पीले आसन पर बैठकर भागवत कथा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें.

Rashmika Mandanna Dance Video: रश्मिका मंदाना नेशनल क्रश सेलिब्रेट कर रही है अपना 25वां जन्मदिन, शेयर किया वीडियो

Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन दुर्लभ योग पर करे घटस्थापना, जाने किस दिन होगी किस देवी की पूजा

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर