नई दिल्ली. Papmochani Ekadashi 2019: चैत्र नवरात्र से पहले आने वाली पापमोचनी एकादशी आज मनाई जा रही है. पापमोचनी एकादशी का तात्पर्य यह कि अगर किसी इंसान से अनजाने में कोई पाप हुआ है तो वह इस शुभ दिन पर उन पापों का पूर्ण रुप से प्रायश्चित कर सकता है. पापमोचनी एकादशी पर भगवना विष्णु की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की अराधना करने से मनुष्य अपने पापों से मुक्ति से पाकर जीवन की समस्याओं से छुटकारा पा सकता है. यह पापमोचनी एकादशी व्रत दो दिन रखा जाता है. लेकिन दूसरे दिन का उपवास केवल साधु, संन्यासी, विधवाओं और मोक्ष की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए होता है. वहीं एकादशी व्रत को द्वादशी तिथि की समाप्ति से पहले उपयुक्त समय से पहले खोल लेना चाहिए. इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि हरि वासर में उपवास को न खोले. द्वादशी तिथि सूर्य निकलने ले पहले खत्म हो रही है तो सूर्योदय के पश्चात ही पारण का विधान है.

जाने व्रत पारण का विशेष शुभ मुहूर्त-
इस बार की पापमोचनी एकादशी व्रत पारण के शुभ मुहूर्त की शुरुआत आज से यानी 1 अप्रैल 2019 दिन सोमवार को दोपहर 1 बजकर 40 मिनट से होगी जोकि शाम 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगा. इस शुभ समयकाल में एकादशी व्रत का पारण करना आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा. वहीं सोमवार के दिन पर इस एकादशी के होने से भगवान विष्णु के साथ-साथ महादेव की पूजा करें ताकि उनकी कृपा आप पर बनी रहे.

पापमोचनी एकादशी पर करें यह शुभ कार्य-
पापमोचनी एकादशी के खास मौके पर किसी मंदिर पर जाकर भगवान के दर्शन करें, साथ ही वहां ध्वज का दान करना न भूले. इसके अलावा भगवान शिवजी के समक्ष दीप प्रज्जवलित करें और भगवान श्रीराम के नाम का 108 बार तक निरंतर जाप करें. दूसरी ओर शिवलिंग पर जल चढ़ाए और उन्हें काले तिल भी अर्पित करें.

इस बीच भगवान विष्णुजी को समर्पित इस व्रत में उनकी पूजा के साथ-साथ माता महालक्ष्मी की भी संकल्प के साथ पूजा करें. पूजा साम्रगी में गोमती चक्र, पीली कौड़ी, दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग अति आवश्यक है. पापमोचनी एकादशी पाप मुक्ति के साथ दान-पुन्य का भी शुभ अवसर माना जाता है.

इस दिन अन्न, गरीबों को भोजन, वस्त्र, गो शाला में दान, पीला वस्त्र, धार्मिक पुस्तक दान करना काफी उचित माना गया है. इससे आपकी सोई किस्मत खुलेगी और आपको हर कार्य क्षेत्र में अपार सफलता प्राप्त होगी.

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