नई दिल्ली. Papmochani Ekadashi 2019: होली के पावन पर्व को समाप्त हो जाने के बाद आज हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक पापमोचनी एकादशी का खास दिन है. पाममोचनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है. इस उत्सव को एकदाशी व्रत के नाम से भी जाना जाता है. हिंदू शास्त्रों के अनुसार पाममोचनी एकादशी की महत्वता अधिक है. एक साल में होने वाली 24 एकादशी में से होली और चैत्र नवरात्रि ते मध्य आने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है. इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से आपके जीवन में खुशियों का भंडार रहेगा और भगवान विष्णु की दया-दृष्टि आप और आपके परिवार पर बनी रहेगी. इस बीच हम आपको बताएंगे पोमपोचनी एकदाशी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में जिससे भगवान विष्णु की कृपा का लाभ उठाया जा सके.

शास्त्रों के मुताबिक पोपमोचनी एकादशी बहुत पुण्यदायी मानी जाती है. इस एकादशी के नाम से भी आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि यह एकादशी पापों का निवारण करती होगी. पुराण ग्रंथो में ऐसा बताया गया कि अगर किसी मनुष्य ने भूल से भी कोई पाप किया है तो पापमोचनी एकादशी के इस शुभ अवसर पर अपने पापों का प्रायच्शित कर सकता है. आइए जानते हैं.

जानिए पापमोचनी एकादशी के शुभ मुहूर्त के बारे में-
यह पाममोचनी एकादशी के कई वर्गो में के मुहूर्त के हिसाब से मनाई जाती है. इस बार की एकादशी के शुभ मुहूर्त का आरंभ 31 मार्च 2019 को रविवार सुबह 3 बजकर 23 मिनट से हो चुका है. दूसरी ओर पापमोचनी एकादशी 2019 का व्रत पारण का शुभ समयकाल 1 अप्रैल दोपहर 1 बजकर 40 मिनट से शुरु होकर शाम 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही हरि वासर समाप्त का वक्त आज ही के दिन दोपहर 12:44 बजे का होगा. साथ ही एकादशी समाप्त का समय 1 अप्रैल सोमवार प्रात: 6 बजकर 4 मिनट होगा.

पापमोचनी एकादशी के पूजा विधि-
इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूर्ण आराधना के साथ उनका व्रत रखा जाता है. इस शुभ अवसर पर सुबह को नित्त प्रक्रिया कर स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. पूजा के मौके पर घर में घी के दीपक को ज्वलित करें.

जाने-अनजाने में अगर आप से कोई पाप हुए हैं तो उनसे मुक्ति पाने हेतु सम्पूर्ण संकल्प के साथ भगवान विष्णु से विनती कर प्रार्थना करें. इसके साथ ही ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप कर, उनके भजन ओर कथाओं का स्मरण करें. फिर द्वादशी के दिन कथा के सुनने के साथ ही व्रत को खोलें. इस एकादशी का व्रत दो दिनों तक रहता है.

Chaitra Navratri 2019: चैत्र नवरात्रि 6 अप्रैल से शुरू, कलश स्थापना से पहले ये काम जरूर कर लें

Chaitra Navratri 2019: 6 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि शुरू, गलती से भी ना करें ये काम, रहें सावधान

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App