नई दिल्ली. हिंदू पंचाग के अनुसार हर वर्ष 24 एकादशियां होती है. लेकिन अधिकमास की एकादशियों समेत इसकी संख्या 24 से बढ़कर 26 हो जाती है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और उपवास रखा जाता है. सभी व्रतों में निर्जला एकादशी का व्रत सबसे कठिन माना जाता है क्योंकि इस दिन पानी का एक बूंद भी ग्रहण नहीं करना होता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन में सुख-समृध्दि प्राप्त होती है. सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी व्रत का अधिक महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से साल भर की सभी एकादशियों का फल मिल जाता है.

निर्जला एकादशी व्रत 2019 क्यों है सबसे कठिन

इस व्रत में भोजन के साथ पानी का भी त्याग करना पड़ता है. इस व्रत को निर्जला यानि की बिना पानी के रखना होता है. इस वजह से इस व्रत को सबसे कठिन माना जाता है. इस व्रत में अगले दिन यानि की द्वादशी के दिन सूर्योदय होने के बाद ही आप पानी ग्रहण कर सकते हैं. इस साल यह व्रत 13 जून 2019 को होगा. इस व्रत का फल पाने के लिए व्रत को पूरे विधि- विधान से रखना जरूरी है.

निर्जला एकादशी व्रत 2019 पूजा विधि

हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी व्रत का काफी महत्व माना जाता है इसलिए इसे पूरे यत्न के साथ इस व्रत को करना चाहिए. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और सूर्योदय तक अन्न और जल का त्याग करना चाहिए. जरूरतमंद को खाना, वस्त्र, फल दान जरूर करें. इस दिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का उच्चारण करें और निर्जला एकादशी की कथा को पढ़ना और सुनना चाहिए. इसके अलावा शाम में तुलसी जी की पूजा करें उन्हें जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं. इसके बाद अगले द्वादशी वाले दिन सूर्यादय के बाद ब्राह्मण को भोजन करवाने के बाद खुद अन्न और जल ग्रहण करें.

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