नई दिल्ली. Navratri 2019 Day 6 Katyayani Highlights: उत्तर भारत समेत देशभर में नवरात्रि का धूम मची हुई है. आज पांचवां दिन है और भक्त जन दुर्गा माता के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना करने के साथ ही भोग भी लगा चुके हैं. कल यानी शुक्रवार को नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना होगी. माना जाता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा के छठे रूप कात्यायनी की पूजा करने से लोगों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष जैसे चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है और उनके जीवन के सारे कष्ट मिट जाते हैं. आइए जानते हैं कि नवरात्रि में दुर्गा माता के मां कात्यायनी रूप की पूजा कैसे और किस मुहूर्त में करें. साथ ही जानेंगे कि मां कात्यायनी को कैसे भोग लगाएं और किन मंत्रोच्चारण का स्मरण करें.

माना जाता है कि जिन कन्याओं की शादी में बाधा आ रही है या जिन्हें मनचाहे वर की कामना है, वे नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की उपासना जरूर करें, इससे उन्हें मनचाहा वर मिलेगा. मां कात्यायी को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का उच्चारण जरूर करें- या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

Highlights

मां कत्यायनी की व्रत कथा

कत नाम के एक प्रसिद्ध महर्षि थे. उनके पुत्र ऋृषि कात्य हुए. इन्हीं कात्य के गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायव उत्पन्न हुए. महर्षि ने कई सालों तक भगवती पराम्बा की उपासना करते हुए कठिन तपस्या की थी. उनकी इच्छा थी कि मां भगवती उनके घर में बेटी के रूप में जन्म लें. मां भगवती ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली. कुछ समय बाद जब राक्षस महिषासुर का अत्याचार धरती पर बढ़ गया तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों भगवान ने अपने तेज का अंश देकर महिषासुर के विनाश के लिए देवी को उत्पन्न किया. महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथन इनकी पूजा की. इसी वजह से ये कात्यायनी कहलाईं.

7 को महानवमी और 8 अक्टूबर को दशहरे का आयोजन

दुर्गा पूजा में महानवनी का सबसे ज्यादा महत्व होता है जिस दिन व्रतधारी महिलाएं कन्या पूजन के बाद 9 दिनों से जारी उपवास को तोड़ती हैं और मां दूर्गा की पूजा-अर्चना करती हैं. 7 अक्टूबर को महानवमी है और फिर 8 अक्टूबर को दशहरा है, जिस दिन लोग रावण के पुतले का दहन करेंगे.

जानें क्यों होती है दुर्गा माता के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, एक समय पृथ्वी पर महिषासुर नामक राक्षस का अत्याचार काफी बढ़ गया. महिषासुर के सर्वनाश के लिए ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने देवी दुर्गा से मदद मांगी और बाद में अपने तेज से कात्यायनी नामक देवी ने पृथ्वी पर आकर महिषासुर का वध किया. इसके बाद से तीनों लोकों में दुर्गा माता के कात्यायनी रूप की पूजा होने लगी.

जानें क्यों होती है दुर्गा माता के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, एक समय पृथ्वी पर महिषासुर नामक राक्षस का अत्याचार काफी बढ़ गया. महिषासुर के सर्वनाश के लिए ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने देवी दुर्गा से मदद मांगी और बाद में अपने तेज से कात्यायनी नामक देवी ने पृथ्वी पर आकर महिषासुर का वध किया. इसके बाद से तीनों लोकों में दुर्गा माता के कात्यायनी रूप की पूजा होने लगी.

लोगों पर चढ़ा नवरात्रि का खुमार, हर जगह दुर्गा पंडाल ही पंडाल

नवरात्रि 2019 का खुमार लोगों पर जोर-शोर से चढ़ गया है और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, गुजरात समेत देशभर के कई शहरों में बड़े-बड़े और आकर्षक पंडाल देखने को मिल रहे हैं. कोलकाता में तो एक पंडाल ऐसा है जहां सोने की दुर्गा मूर्ति स्थापित की गई है. दिल्ली में सीआर पार्क, सिविल लाइंस समेत कई जगहों पर भव्य पंडाल देखने को मिल रहे हैं, जहां हजारों लोग मां दुर्गा की पूजा-साधना में तल्लीन हैं.

मां कात्यायनी की पूजा से लाभ

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष लाभ बताया गया है. मान्यता है कि मां की पूजा करने से कुंवारी कन्याओं की शादी में आ रही परेशानियां दूर होती हैं और उनके सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है. साथ ही देवी की विधिपूर्वक पूजा से कार्यक्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होती है.

मां कात्यायनी की पूजा से लाभ

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष लाभ बताया गया है. मान्यता है कि मां की पूजा करने से कुंवारी कन्याओं की शादी में आ रही परेशानियां दूर होती हैं और उनके सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है. साथ ही देवी की विधिपूर्वक पूजा से कार्यक्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होती है.

दुर्गा माता को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का उच्चारण बेहद जरूरी

मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना के समय इस मंत्र का उच्चारण जरूर करें- ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि. नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:
पूजा करते समय यह मंत्र पढ़ने से आपके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और आपके जीवन में सुख-शांति का वास होता है.

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