नई दिल्ली. 10 अप्रैल से नवरात्रि 2018 महापर्व शुरू हो चुका है. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा- अर्चना की जाती है. ब्रह्मचारिणी मां दुर्गा की नव शक्तियों का दूसरा स्वरूप हैं. मां ब्रह्मचारिणी की सच्चे मन से आराधना करने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके साथ ही मां ब्रह्मचारिणी जीवन में विजयी होने और निरोग रहने का आर्शीर्वाद भी देती हैं. आज हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की कथा और उनके कुछ खास मंत्र बताने जा रहे हैं, जिनसे माता प्रसन्न होती हैं और आपको मनचाहा वरदान देती है.

मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप के बारे में तो हम आपको अपनी पिछली स्टोरी में ही बता चुके हैं. मां ब्रह्मचारिणी के अचूक मंत्र के बारे में बात करने से पहले हम आपको माता के इस स्वरुप के बारे में बता रहे हैं. मां ब्रह्मचारिणी के नाम के अर्थ की बात करें तो ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. यानि ब्रह्मचारिणी का मतलब होता है तप का आचरण करने वाली.

मां ब्रह्मचारिणी कथा

भगवती का दूसरा स्वरुप मां ब्रह्मचारिणी ने भोले नाथ को पति के रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी. मां ब्रह्मचारिणी की इ्स कठिन तपस्या को देखकर सभी हैरान हो गए थे, जिसके बाद भगवान शंकर माता को पति के रुप में मिल थे. माता की इसी तपस्या की वजह से उनका नाम तप करने वाली यानि ब्रह्मचारिणी पड़ा. तभी से मां ब्रह्मचारिणी को मां दुर्गा के स्वरूप के रुप में पूजा जाने लगा.

ब्रह्मचारिणी के इस मंत्र का करें उच्चारण
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

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