नई दिल्ली. 10 अक्टूबर से शुरु हुई शारदीय नवरात्र का आज तीसरा दिन है. मां दुर्गा के नौ रुपों का आर्शीवाद लेने के लिए भक्त नवरात्र के दौरान पूजा अराधना में विलीन रहते हैं. लेकिन एक शख्स ऐसे भी हैं जिनकी भक्ति मां दुर्गा के साथ साथ भक्तों को भी रास आती है. बिहार, पटना के रहने वाले नागेश्वर बाबा पिछले 22 सालों से नवरात्रि के दौरान अपनी छाती पर 21 कलश रखते आ रहे है. सबसे बड़े कलश से शुरु होकर सबसे छोटा कलश नाग्शेवर बाबा अपने पेट पर रखते है.

आमतौर पर भक्त नवरात्रि शुरु होने पर नौ दिनों का व्रत रखते हैं, कुछ 5 दिन का तो कुछ भक्त नवरात्रि के पहले और आखिरी दिन व्रत रखते है. लेकिन पटना के रहने वाले नागेश्वर बाबा नवरात्रि के शुरु होने के 15 दिन पहले से ही उपवास करना शुरु कर देते है. नागेश्वर बाबा 22 सालों से देवी दुर्गा की पूजा इसी प्रकार से करते आ रहे हैं. एक तरफ जहां नवरात्रि के समय भक्त व्रत रखते हुए पानी और रात को खाना खाकर अपने पूरे दिन का व्रत तोड़ते है.

वहीं नागेश्वर बाबा की तो बात ही अलग है, वो पूरे 10 दिन निर्जला व्रत रखते हैं और शपथ लेते हैं कि वो इन 10 दिनों तक मां दुर्गा की बिना खाए पीए पूजा करते है. नागेश्वर बाबा पटना के नौलखा मंदिर में हर साल मां दुर्गा की इसी तरह पूजा करते आ रहे हैं और लाखों लोग इस मंदिर के दर्शन करने और मां दुर्गा के आशीर्वाद मांगने के लिए आते हैं.

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