नई दिल्ली. घर में खुशहाली बनाये रखने के लिए अग्रवाल समाज के सभी लोग जिनमें महिलाएं और पुरूष सोमवार के दिन  22 जुलाई 2019 को सच्चे मन से नाग देवता की पूजा कर हैं. श्रावण मास के इस दिन आग्रवाल समाज के लोग सुबह सुबह नाग पंचमी कि पू्जा कर ठंडा बासी खाने का भोग लगाते है और इसे प्रसाद स्वरूप में पूजा के बाद लिया जाता है. कई जगह पर अग्रवाल समाज के लोग इस तरह पूजा करते हैं और गरीबों कों खाना खिलाते हैं. बता दें आज का दिन विशेष है. क्योंकि आज के दिन सवान का पहला सोमवार है और यह संयोग की बात है की यह सोमवार 125 साल बाद कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि यानी नागपंचमी तिथि के दिन पड़ा है. जो एक अनोखा संयोग है.

125 साल बाद पड़ रहा है ऐसा विशेष संयोग-

ऐसा विशेष संयोग देखिए कि 22 जुलाई सावन के पहले सोमवार को कृष्ण पक्ष की पंचमी और 5 अगस्त को भी ऐसा संयोग पड़ रहा है, जिसमें शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी नागपंचमी तिथि को पड़ रही है. भारत के कई राज्यों उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, बिहार, बगांल, राजस्थान, दिल्ली समेत अन्य कई जगह नागपंचमी का पर्व मनाया जाएगा.

नाग पंचमी पर पूजा करने की विधि-

  • नाग पंचमी के दिन शिव मंदिर जाकर सर्प को दूध पिलाना काफी शुभ होता है.
  • नाग पंचमी के दिन घरों के कोनों में लोग से सांप का चित्र बनाकर उस पर दूध चढ़ाएं.
  • सुबह-सुबह उठकर स्नान के बाद में सैवई बनाएं और नाग देवता की स्वच्छ मन से मूर्ती स्थापित करें.
  • दूध, चंदन, सुंग्धित फूल, आदि पूजन सामग्री नाग देवता पर अर्पित करें और आरती करें.
  • बैल पत्र आदि को विधि पूर्व नाग देवता को चढ़ा कर पूजा करें.

ऐसा माना जाता कि इस विधि अनुसार नाग देवता की पूजा करने से भगवान शिव काफी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्त की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं. 

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