नई दिल्ली. Nag Panchami 2019 Date: नाग पंचमी का पर्व हर साल सावन महीने में मनाया जाता है. हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी है और भगवान शंकर सर्प का माला के रूप में धारण किए हुए हैं इसलिए सर्प को भी देवता के रूप में पूजा जाता है. सावन महीने के आराध्य देव भगवान शंकर माने जाते हैं. साथ ही यह समय वर्षा ऋतु का भी होता है जिसमें माना डाता है कि भू गर्भ से सर्प निकलकर भूतल पर आ जाते हैं. वह किसी अहित का कारण न बनें इसके लिए भी नाग देवता को प्रसन्न करने के लिए नाग पंचमी की पूजा की जाती है.

जानिए क्यों करते हैं नाग पंचमी की पूजा

नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने के धार्मिक और सामाजिक कारणों के साथ ज्योतिषीय कारण भी हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में योगों के साथ-साथ दोषों को भी देखा जाता है. कुंडली के दोषों में कालसर्प दोष एक बहुत ही महत्वपूर्ण दोष होता है. काल सर्प दोष कई प्रकार के होते हैं. इस दोष से मुक्ति के लिए व्यक्ति को नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने के साथ-साथ दक्षिणा का महत्व बताते हैं. इस दिन श्रीया, नाग और ब्रह्म अथार्त शिवलिंग स्वरूप की आराधना से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है और साधक को धनलक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है.

इस बार इस दिन होगी नाग पंचमी

हर साल सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस बार 5 अगस्त 2019 दिन सोमवार को देशभर में नागपंचमी का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवता के 12 स्वरूपों की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि नाग देवता की पूजा करने से और रूद्राभिषेक करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं. प्राचीन धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष हो तो उसे नागपंचमी के दिन भगवान शिव और नागदेवता की पूजा करनी चाहिए. कालसर्प योग यज्ञ का आरम्भ या समाप्ति पंचमी, अष्टमी, दशमी या चतुर्दशी तिथिवार चाहें जो भी हो, भरणी, आद्ररा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, उत्तराषाढ़ा, अभिजित, एंव श्रवण नक्षत्र श्रेष्ठ माने जाते हैं.

नाग पंचमी पूजा विधि

नाग पंचमी के दिन घर के सभी दरवाजों पर खड़िया से छोटी छोटी चौकोर जगह की पुताई की जाती है और कोयले को दूध में घिसकर मुख्यत: दरवारों बाहर दोनों तरफ, मंदिर के दरवाजे पर और रसोई में नाग देवता के चिन्ह बनाए जाते हैं. आज कर यह फोटो बाजारों में भी मिलते हैं, जिन्हें आप इस्तेमाल कर सकते हैं, नागों की पूजा मीठी सेंवई खीर से की जाती हैं और इस दिन नागों की दूध पिलाने की परंपरा है, जिसके लिए खेतों में या किसी ऐसे स्थान पर जहां सर्प होने की संभावना हो वहां एक कटोरी में दूध रखा जाता है.

ऐसे करें नागपंचमी की पूजा

  • सबसे पहले प्रात: घर की सफाई कर स्नान कर लें.
  • इसके बाद प्रसाद के लिए सेवई और चावल बना लें.
  • इसके बाद एक लकड़ी के तख्त पर नया कपड़ा बिछाकर उस पर नागदेवता की मूर्ति या तस्वीर रख दें.
  • फिर जल, सुगंधित फूल, चंदन से अर्घ्य दें.
  • नाग प्रतिमा का दूध, दही, घी, मधु और शक्कर का पंचामृत बनाकर स्नान कराएं.
  • प्रतिमा पर चंदन, गंध से युक्त जल अर्पित करें.
  • नये वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, हरिद्रा, चूर्ण, कुमकुम, सिंदूर, बेलपत्र, आभूषण और पुष्प माला, सौभाग्य, द्रव्य, धूप दीप, नैवेद्य, ऋतु फल, तांबूल चढ़ाएं आरती करें.
  • अगर काल सर्पदोष है तो इस मंत्र का जाप करें ऊँ कुरुकुल्ये हुं फट स्वाहा.

नाग पंचमी पर्व तिथि व मुहूर्त 2019

  • नाग पंचमी तिथि प्रारंभ- 5 अगस्त 2019 रविवार को शाम 6 बजकर 50 मिनट से शुरू होगी.
  • नाग पंचमी तिथि समाप्ति- 5 अगस्त को दोपहर 15 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी. उसके बाद षष्टी तिथि चालू हो जाएगी.
  • नाग पंचमी पूजा का शुभ मुहूर्त- नाग पंचमी पूजा का शुभ मुहूर्त 5 अगस्त को सुबह 6 बजकर 5 मिनट से शुरु होकर 7 बजकर 40 मिनट तक चलेगा.

नाग पंचमी के दिन क्या करें क्या न करें

नाग पंचमी के दिन भूमि की खुदाई नहीं की जाती. नाग पूजा के लिए नागदेव की तस्वीर या फिर मिट्टी या धातू से बनी प्रतिमा की पूजा की जाती है, दूध, धान, खील और दूब चढ़ावे के रूप में अर्पित की जाती है. सपेरों से किसी नाग को खरीदर उन्हें मुक्त भी कराया जाता है. जीवित सर्प को दूध पिलाकर नाग देवता को प्रसन्न किया जाता है.

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