नई दिल्ली. मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-अराधना की जाती है. माना जाता है कि राम भक्त हनुमान अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं और उनके सभी संकट दूर कर देते हैं. इसी वजह से हनुमान जी को संकटमोचन भी कहा गया है. शास्त्रों में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति विधि अनुसार बजरंगबली की पूजा अराधना करता है उसके सिर पर भगवान कृपा बरसाते हैं और व्यक्ति को मनोवंछित फल की प्राप्ति होती है. ऐसे में अगर आप भी इस तरह के संकट से परेशान हैं तो मंगलवार के दिन विधि अनुसार हनुमान जी का व्रत और पूजा करें.

जानिए हनुमान जी की मंगलवार पूजा-व्रत विधि
अगर बजरंगबली की कृपा चाहते हैं तो मंगलवार के दिन सबसे पहले नहाने का संकल्प लें. इसके बाद शाम को चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और हनुमान जी प्रतिमा की स्थापना करें. फिर एक साफ आसन नीचे लगाकर आराम से बैठ जाएं. जिसके बाद दही में गंगाजल, घी, दूध, पंचमेवा और शक्कर डालकर पंचामृत को तैयार करें. हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष कलश स्थापित करें. उसमें पंचपल्लव रखें जिसके बाद ऊपर एक चावल से भरा पात्र रख दें. कलश में चावल, सुपारी, पान के पत्ते और मौली भरा हो.

कलश पात्र रखने के बाद हाथ में चावल और फूल लेकर हनुमान जी का ध्यान करें और चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर बजरंगबली का लेप जरूर लगा लें. इसके बाद हनुमान जी को लाल रंग की लंगोट धारण कराएं और पुष्पमाला व दूर्वा से इत्र छिड़कर कुमकुम का टीका लगाएं. फिर पान-पंचमेवा अर्पित करें और मिठाइयों पर तुलसी रखकर भोल पर लगाएं. साथ में ”ऊं अंजनी जाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमान प्रचोदयात्” मंत्र का जाप करते रहें. अब हनुमान जी से क्षमा प्रार्थना के बाद भगवान की आरती कर प्रसाद को बांट दें.

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