नई दिल्ली. फेमस टैरो रीडर डॉ नंदिता पांडे जी आज बताएंगी महाशिवरात्रि यानी व्रत राज की. महाशिवरात्रि को व्रत राज की उपाधि दी गई है क्योंकि इस दिन महादेव की पूजा की जाती है. सच्चे मन से पूर्ण आस्था के साथ आप उनकी पूजा करेंगे तो आपकी सारी मनोकामनाएं भी पूर्ण हो जाएगी. महादेव को प्रस्नन करने के लिए सच्चे मन से ऊं नम: शिवाय का जाप करे. महाशिवरात्रि के मनोरम दिन पर व्रत अवश्य करे. 13 तारीख की रात्रि को 10 बजकर 34 मिनट से चतुर दशी तिथि शुरु हो रही है तो पूरा 14 तारीख तक रहेगी. 14 तारीख के मध्यरात्रि यानि की 15 और 14 तारीख की मध्यरात्रि को 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगी.

दोनों ही दिन महाशिवरात्रि को मनाने से भगवान भोलेनाथ को याद करना उतना ही आपके लिए पावन होगा. सुबह उठकर स्नान करे अगर तिल डालकर स्नान करेंगे तो बहुत ही उत्तम रहेगा. स्नान के बाद शिव जी का अवाह्न करे मंदिर जाए शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाए, धतुरा अर्पित करे, जंगली बेर भी शिव जी को अर्पित करे. लेकिन भोलेनाथ की पूजा करते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखे कि उनकों क्या चीज अर्पित नहीं करना है. ध्यान रहे शिव जी को केतकी के फूल और हल्दी ना चढ़ाए. नारियल का पानी भी शिव जी को अर्पित ना करें. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के विवाह का भी महत्तव है. अगर आप अपने वैवाहिक जीवन से परेशान है या फिर आपका विवाह नहीं हो पा रहा है तो आज के दिन व्रत जरुर रखें, शिवजी को अवाह्न करे. पंचाक्ष मंत्र नम: शिवाय का जप करे फिर आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होगी.

प्रदोष काल में शिव की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है. उस पावन समय पर आप अगर पूजन अर्चन करते है तो आपकी मनोकामना की पूर्ति होती है. प्रदोष काल से ही रात्रि के सारे प्रहर शूरु हो जाते है. रात्रि के पहले प्रहर में शिवजी को जल से अभिषेक करे. दूसरे और तीसरे प्रहर में महादेव को दही और घी से अभिषेक करे और रात्रि के चौथे प्रहर में उन्हें शहद से अभिषेक करना चाहिए. अगर आपको सौभाग्य प्राप्त करना है आप गंगाजल से उनका अभिषेक करें इससे आपको जरुर फायेदा होगा. अगर आपको भोग की प्राप्ति करनी है तो आपने सुगंधित तेल से महादेव की पूजा करनी चाहिए. नम: शिवाय का जप करे फिर संपूर्ण कष्टों से आपको मुक्ति मिलेगी. मंत्र का जप करके मन ही मन प्रार्थना करे.

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