नई दिल्ली: डॉ. जय मदान आज आपको महाशिवरात्रि पर भगनाव शिव और उनके परिवार के बारे में बताएंगी. शिवरात्रि पर भगवान शिव को जल और दूध चढ़ाते है पर इससे जीवन में क्या बदला, बदलेगा तब जब आप जानेंगे कि शिव जी की पूजा करने की पीछे उद्देश्य क्या है. शिव जी को केवल भगवान समझ कर उनकी पूजा करनी है या फिर उनकी सारी खूबियां को अपने जीवन में भी अमल करना है. इन सब के बारे में आज आपको सारी जानकारी मिलेगी. भगवान शिव जी का स्थान कैलाश पर्वत पर है जो सबसे ऊंचा और ताकतवर पर्वत में से एक है. पर्वत यानी आप के अंदर का विश्वास. परिवार के मुखिया को अपने परिवार पर और अपने हर कार्य पर विश्वास रखना चाहिए. परिवार के मुखिया को कैसा होना चाहिए, उनमें किस प्रकार के गुण होने चाहिए. परिवार का मुखिया सादे कपड़े पहने भले ही आपके पास कितना भी पैसा क्यों ना हो लेकिन वे एकदम सादे कपड़े पहनकर अपना जीवन बीताए.

अगर वो बहुत ज्यादा लग्जरी चीजों को अपने जीवन में शामिल करेंगे तो दूसरों की बजाए वो अपने बारें में ज्यादा सोचेगें. भगवान शिव के माथे से गंगा निकलती है यानी आपका दिमाग कितना शांत है. भगवान शिव की तीसरी आंख यानी की देखने का नजरिया भगवान शिव जब भी कोई काम करते है तो वो दस कदम आगे सोचकर करते है. साथ में उनके हाथों में त्रिशूल उनकी तीनो इंद्रीणियों सतफ, तमस और रजस को वश में रखता है. हाथ में रुद्राक्ष की माला यानी जाप करना भगवान शिव की यादशात भी काफी ज्यादा स्ट्रॉग है. हाथ में डमरु यानी किसी को जगाना एक तरह का अलार्म आपको बताना कि आप गलत कर रहे हैं. गले में नीलकंठ यानी की गले में विष आपकी जुबान में ही शहद और जहर दोनों हैं. आप चाहें तो इसी जुबान के जरिए किसी को मार भी सकते है या फिर किसी के जीवन में रस भी घोल सकते हैं.

एक परिवार के मुखिया में भगवान शिव की तरह ही ये सभी गुण होने चाहिए. मां पार्वती जैसी ही आपके घर की महिलाओं में भी मां पार्वती जैसी भावना है तो आपका घर भी भगवान शिव की ही तरह पूरा रहेगा. आपकी संतान कैसी होनी चाहिए. आपकी एक संतान भगवान शिव के सबसे बड़ी संतान कार्तिकेय जैसी हो यानी आपकी संतान अपनी ताकत के दम पर किसी भी मुश्किलों को खत्म कर सकें. दुसरे है गणेश जी यानी की बुद्धि के देवता जो शरीर का इस्तेमाल ना करते अपनी बुद्धि से हर विघ्नों को खत्म कर देते हैं. ऐसे ही गुण आपके परिवार के बच्चों में भी होने चाहिए. अगर आपका भी परिवार भगवान शिव और मां पार्वती जैसी होगी तो आपका परिवार भी स्वर्ग जैसा होगा. शिवरात्रि पर हम शिवजी की पूजा करते है लेकिन जब तक उनके सभी गुण हम अपने अंदर नहीं लाएंगे तब तक हमारे जीवन में बदलाव नहीं आएगा.

महाशिवरात्रि 2018 पूजा मुहूर्त: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें

Maha Shivaratri 2018 Date: 13 या 14 फरवरी महाशिवरात्रि तारीख को लेकर न हो कंफ्यूज, इस दिन करें भोलेनाथ की पूजा