नई दिल्ली : साल 2021 की शुरूआत हो चुकी है, वहीं कुंभ मेला की तैयारियां भी जोरो से की जा रही है. कोरोना के चलते इस बार का कुंभ मेला में आने के लिए कुछ नियमों का पालन करना होगा. साल 2021 बेशक शुरु हो गया हो लेकिन कोरोना का खतरा अभी भी बना हुआ है. ऐसा में कोरोना वायरस के खतरे पर नियत्रंण रखना बेहद जरुरी है. इस बार सभी श्रद्धालुओं को कुंभ के मेले में प्रवेश लेने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियों से गुजरना होगा, जिसके बाद ही वो कुंभ मेला घूम सकेंगे.

बता दें कि इस साल कुंभ मेला देवभूमि उत्तराखंड के हरिद्वार में लगने जा रहा है. इस बार का कुंभ मेला बहुत खास माना जा रहा है, क्योंकि इस वर्ष 11 साल बाद कुंभ मेला का भव्य आयोजन हुआ है. जिसका इंतजार श्रद्धालुओं को बड़ी बेसब्री से है. बता दें कि इस साल 11 मार्च 2021 को शिवरात्रि के खास अवसर पर कुंभ मेला लगने जा रहा है. 

कुंभ मेला का शुभ मुहूर्त

पहला स्नान: 11 मार्च शिवरात्रि
दूसरा स्नान: 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या
तीसरा स्नान: 14 अप्रैल मेष संक्रांति
चौथा स्नान: 27 अप्रैल बैसाख पूर्णिमा

कुंभ मेला में स्नान का महत्व

हिंदू धर्म के अनुसार, कुंभ स्नान का बड़ा महत्व बताया गया है. ऐसा माना जाता है कि कुंभ स्नान करने से श्रद्धालुओं के सभी प्रकार के पाप धुल जाते हैं, साथ ही मोक्ष भी प्राप्त होता है. कुंभ स्नान करने के लिए श्रद्धालु मीलो दूर से आते हैं. इस दिन भगवान शिव का भी आर्शीवाद प्राप्त होता है. हालांकि साल 2022 में गुरु, कुंभ राशि में नहीं होंगे. इसलिए ही इस बार 11वें साल में कुंभ का आयोजन किया जा रहा  है. ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे वाले हैं. 

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