नई दिल्ली: देशभर में कई हिस्सों में आज जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. कृष्ण मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी है वहीं लोग कान्हा को झूला झुला रहे हैं. मंदिरों में पालने में भगवान कृष्ण के बाल अवतार कान्हा की मूर्ति को पालने में रखा गया है जिसमें रस्सी बंधी है और वो रस्सी भक्तों तक गई है. जो भी भक्त भगवान के दर्शन करने आ रहा है वो पालने की रस्सी खींचकर भगवान को झूला झुला रहा है. भक्ति का ये भाव और भगवान कृष्ण के भजनों की अमृतवर्षा मंदिरों के चारों तरफ फैल रही है. श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर कई महिलाएं एवं पुरुष उपवास भी करते हैं लिहाजा कई कृष्णभक्त आज जन्माष्टमी को लेकर उपवास कर रहे हैं. कहते हैं कि भगवान कृष्ण का जन्म रात को हुआ था लिहाजा रात 12 बजे जब भगवान कृष्ण का जन्म हो जाएगा तभी भक्तगण जिन्होंने व्रत रखा है वो अपना व्रत तोड़ेंगे.

कहते हैं भगवान कृष्ण को मखाने की खीर, माखन-मिश्री और मेथी का चूरमा बहुत पसंद है लिहाजा उत्तर भारत में नंदलाल को इन तीन चीजों का भोग लगता है. इसके अलावा फल और दूध से बनी चीजें भी भगवान कृष्ण को अर्पित की जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार आज ही के दिन जेल में देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था और कंस के डर से उनके पिता वासुदेव ने उन्हें टोकरी में रखकर उफनती हुई यमुना नदी को पार करते हुए उन्हें सुरक्षित नंद गांव पहुंचा दिया था जहां नंद बाबा और माता यशोदा के घर पर भगवान कृष्ण का पालन पोषण हुआ.

भगवान कृष्ण को दुनियाभर में करोड़ो लोग मानते हैं. भगवान कृष्ण हमेशा राधा माता के साथ पूजे जाते हैं. भगवान कृष्ण के नाम से ऊपर राधा माता का नाम आता है. दुनियाभर में बने भगवान कृष्ण के इस्कॉन मंदिर में आज राधे कृष्ण के नाम की गूंज है. हालांकि भगवान कृष्ण की पत्नी का नाम रुकमिणी है लेकिन भगवान कृष्ण राधा के साथ ही पूजे जाते हैं.

Happy Krishna Janmashtami 2019 Shayari in Hindi: श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2019 पर इन हिंदी शायरी को भेजकर दें शुभकामनाएं

Happy Krishna Janmashtami: जन्माष्टमी 2019 स्पेशल- अटूट था राधा और श्रीकृष्ण का प्रेम, 9 साल का साथ बन गया अमर इतिहास