नई दिल्ली. उत्तराखंड में चार पवित्र तीर्थस्थल हैं जिन्हें सामूहिक रूप से “उत्तराखंड के चार धाम” के रूप में जाना जाता है. हिंदू धर्म के अनुसार, चार मंदिरों का बहुत महत्व और पवित्रता है. चार धाम सबसे पूजनीय तीर्थों में से एक है. ऐसा माना जाता है कि प्रत्येक हिंदू को अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार चार धाम यात्रा करनी चाहिए ताकि मंदिरों को सजाने वाले देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो सके.

इस कड़ी में आपके हम बता दें कि 17 मई को सुबह पांच बजे मेष लग्न में केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे. इसके बाद बाबा केदार की छह माह की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी. कपाट के उद्घाटन से पहले मंदिर को 11 टन फूलों से सजाया गया है. वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कपाटोद्घाटन परंपराओं के तहत होगा. हालांकि इस साल भी कोरोना के कारण श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी नहीं बन पाएंगे. केदारनाथ मंदिर बंद होने की तिथि: 06 नवंबर, 2021 भाई दूज की पूर्व शाम बंद कर दिए जाएंगे.

वहीं महाकाल ग्रुप ऋषिकेश द्वारा गुलाब, गेंदा, बसंती व कमल के 11 कुंतल फूलों से मंदिर सजाया गया है। ग्रुप के सौरभ कालरा, राहुल गौड़, सतीश सचदेवा ने बताया कि दो वर्षों से धाम के कपाटोद्घाटन पर मंदिर को फूलों से सजा रहे हैं

हालांकि, चार धाम के ये पवित्र मंदिर हर साल गर्मियों (अप्रैल / मई) में खुलते हैं और सर्दियों के महीनों (अक्टूबर / नवंबर) की शुरुआत के साथ बंद हो जाते हैं. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि चार धाम यात्रा दक्षिणावर्त दिशा में शुरू करनी चाहिए. इसलिए, यात्रा यमुनोत्री से गंगोत्री की ओर शुरू होती है, केदारनाथ तक जाती है, और अंत में बद्रीनाथ में समाप्त होती है.

 कैसे पहुंचे केदारनाथ धाम 

केदारनाथ मंदिर समुद्र तल से 3584 मीटर की ऊंचाई पर मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित है. मूर्ति को ऊखीमठ से मुख्य मंदिर में स्थानांतरित किया जाएगा.

फ्लाइट द्वारा: जॉली ग्रांट एयरपोर्ट केदारनाथ का नजदीकी हवाई अड्डा है, जो दैनिक उड़ानों के साथ दिल्ली से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है.
ट्रेन द्वारा: ऋषिकेश नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो NH58 पर गौरीकुंड से 243 किमी पहले स्थित है। वहां से टैक्सी और बसें आसानी से उपलब्ध हैं.
सड़क मार्ग से: गौरीकुंड सड़कों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. गौरीकुंड के लिए बसें और अन्य वाहन आसानी से उपलब्ध हैं. गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग 58 द्वारा गाजियाबाद से जुड़ा हुआ है.

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