नई दिल्ली. Karwa Chauth Puja 2020 after marriage: करवा चौथ हिंदुओं का एक प्रसिद्ध त्यौहार है जिसे विवाहित महिलाओं द्वारा बहुत ही उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस विशेष दिन पर विवाहित महिलाओं द्वारा चांद-उगने तक व्रत या उपवास किया जाता है, अपने पति की लंबी आयु और सुरक्षा की कामना की जाती है. नवविवाहित महिलाओं के लिए, उनका पहला करवा चौथ उनके जीवन की सबसे खास होता है. परिवार में हर कोई नवविवाहित दुल्हन की देखभाल करता है, क्योंकि यह विशेष दिन उसके पति के सम्मान के साथ-साथ उसके प्यार का भी प्रतीक है. परिवार के लोग नवविवाहित महिला को आशीर्वाद और करवा चौथ उपहार देते हैं.यह त्योहार कार्तिक महीने के चौथे दिन और दिवाली से नौ दिन पहले मनाया जाता है. पहले करवा चौथ के बारे में अधिक जानने के लिए आगे पढ़ें

पहली सरगी: सरगी सुबह का भोजन है, जो आम तौर पर सास द्वारा तैयार किया जाता हैय करवा चौथ के दिन भोर से पहले सरगी का सेवन किया जाता है. इस भोजन में मिठाई, फल और अन्य स्वादिष्ट खाने शामिल हैं. नवविवाहित बहू अपनी सास के प्रति प्यार और सम्मान दिखाने के लिए सास को कुछ उपहार देती है.

पहला बया: बहू को करवा चौथ के अवसर पर सास को उपहार है. इस सरगी में आमतौर पर नमकीन और मीठे मठरी, ड्राई-फ्रूट्स और कुछ विशेष उपहार होते हैं. यदि यह पहले करवा चौथ के लिए हो जाता है तो यह और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, बहू के परिवार के लिए भी यह वास्तव में महत्वपूर्ण है. उसकी माँ परिवार के सभी सदस्यों के लिए उपहार लाती है. इन उपहारों में कुछ बर्तन, मिठाई, सभी परिवार के सदस्यों के लिए कपड़े और उसके लिए गहने और मेकअप किट शामिल हैं. हालाँकि, नवविवाहित दुल्हन के साथ करवा चौथ पूजा में भाग लेने जा रही परिवार की महिलाओं के बीच मिठाई, बर्तन और कपड़े बाटे जाते हैं.

पहली करवा चौथ पूजा: परिवार की सभी महिलाओं ने शाम के लिए विशेष व्यवस्था की और करवा चौथ पूजा एक ऐसे परिवार में हुई जहां वे सभी नवविवाहित विवाहित महिला के साथ पूजा में भाग लेने जाते हैं. नवविवाहित महिला को दुल्हन के लहंगे या गहने के साथ कुछ भारी साड़ी पहनना चाहिए. परिवार की अन्य महिलाओं के साथ पूजा करने के बाद, वह परिवार की सभी बड़ी महिलाओं से अपने सुखी वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद मांगती है. नवविवाहित महिला मीठा  देती हैं.

करवा चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देकर चांद के सामने एक दीपक अपने पति के नाम का रखें. इसके बाद अपने पति के हाथ से पानी पिएं और उन्हें भी पानी पिलाएं और पहला खाने का कौर अपने पति को खिलाएं फिर उनके हाथ से कुछ खांए.

पहले करवा चौथ पर ये चीजें भूल कर भी न करें हो सकता है अशुभ

करवा चौथ के दिन अगर कोई घर का कोई सदस्य सो रहा है तो उसे बिल्कुल भी उठाए.  क्योंकि शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ के दिन किसी को सोते से उठाना अशुभ माना गया है. करवा चौथ की कथा सुनने के बाद कीर्तन अवश्य करें. इस दिन किसी की चुगली, निदां या किसी को अपशब्द न कहें. करवा चौथ के दिन कैंची का प्रयोग बिल्कुल भी न करें. क्योंकि इस दिन कैंची चलाना अशुभ माना जाता है.करवा चौथ के दिन मां, सास, किसी बड़े बुजुर्ग का अपमान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. क्योंकि ऐसी मान्यता है कि व्रत के दिन ऐसा करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और न हीं बड़ो का आर्शीवाद भी प्राप्त नहीं होता. करवा चौथ के दिन सुहाग के समान को घर से बाहर न फेंके क्योंकि करवा चौथ के दिन इन सभी चीजों का अत्याधिक महत्व होता है.

करवा चौथ के दिन व्रत रखने वाली महिला को सोना नहीं चाहिए. क्योंकि व्रत में सोने को अशुभ माना जाता है. करवा चौथ के दिन पति से न झगड़े अगर आप ऐसा करती हैं तो आपको करवा चौथ के व्रत फल नहीं मिलेगा और आप पाप की भागीदार बनेंगी. करवा चौथ के दिन अपने पति की सभी आज्ञा का पालन करें. क्योंकि इस दिन पति की आज्ञा को मानना आपके लिए अत्यंत आवश्यक है. करवा चौथ के दिन श्रृंगार का समान किसी को भी न तो दान में दे और न ही किसी से दान में लें.

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