नई दिल्ली: हिंदू धर्म में कार्तिक मास की पूर्णिमा का बड़ा महत्व हैं। इस दिन दान-धर्म व गंगा स्नान करना शुभ माना जाता हैं। साल 2020 में कार्तिक मास की पूर्णिमा 30 नवंबर को हों। कार्तिक मास की पूर्णिमा को पुराण अनुसार देव दिवाली के रुप में भी माना जाता हैं। वहीं इस दिन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता हैं क्योंकि कार्तिक मास विष्णु जी को अत्यंत प्रिय हैं।

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा का रहस्य सृष्टी के रचयिता ब्रह्मा जी से जुड़ा हैं। कहा जाता हैं कि इस दिन ब्रह्मा जी ब्रह्म सरोवर पुष्कर में अवतरित हुए थे। इसी कारण यह दिन बहुत शुभ हैं क्योंकि गंगा के स्नान आपके सारे पाप मिटा देती हैं। वहीं भारत में ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर हैं वो भी राजस्थान के पुष्कर में हैं। कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन अजमेर, पुष्कर में लाखों भक्तगण गंगा स्नान को आते हैं। वहीं ब्रह्मा मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाती हैं।

 

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व
कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान बहुत शुभ माना जाता हैं। कहा जाता हैं कि इस दिन गंगा स्नान आपके सारे पाप धो देगा व आपको मोक्ष की प्राप्ति देगा। वहीं यदि आप इस दिन किसी भी चीज का दान करेगें तो आपके घर परिवार की खुशिया सदैव बरकरार रहेगी। दान धर्म में पीली वस्तु का दान का विशेष महत्व हैं क्योंकि विष्णु भगवान को पीला रंग प्रिय हैं।

                         

कार्तिक पूर्णिमा 2020 कब हैं

2020 में अधिक मास दो होने के कारण कार्तिक मास की पूर्णिमा 29 नवंबर 2020 रात 12:47 से अगले दिन 30 नवंबर 2020 रात 2:59 तक हैं। इस प्रकार तिथि अनुसार कार्तिक पूर्णिमा 29 नवंबर की हैं। वहीं यदि आप दान-स्नान करना चाहतें हैं तो 30 नवंबर पर करें। समय का विशेष ध्यान रख ही भगवान की पूजा अर्चना करें।

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