नई दिल्ली. कजरी तीज, सातूड़ी तीज, कजली तीज या बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है. तीज का यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं और तीज माता की पूजा करती हैं. तीज माता की पूजा के दौरान तीज कथा पढ़ी जाती है. कजरी तीज भादों माह के कृष्ण पक्ष में आती हैं. इस साल कजरी तीज 29 अगस्त को मनाई जाएगी.

उत्तर भारत में इस त्योहार की धूम होती है. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बड़े पैमाने पर कजरी त्योहार मनाया जाता है. इस त्योहार को वैसे तो शादीशुदा महिलाएं ही करती हैं लेकिन जिन लड़कियों की शादी में विलंब हो रहा होता है वह भी इस व्रत को करती हैं. इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और चंद्रोदय के बाद अपना व्रत करते हैं.

इस दिन महिलाएं जौ, गेंहू, चने और चावन के तरह तरह के पकवान बनाती हैं. इन पकवानों को शुद्धता के साथ बना कर तीज माता को भोग लगाती हैं. कजरी तीज का महत्व है कि इस दिन आटे की सात लोइयां बनाकर, घी, मेवा, गुड़ रखकर गाय को खिलाया जाता है. हरियाली तीज की तरह इस दिन भी महिलाएं झूला झूलती हैं और लोकगीत गाए जाते हैं.

कजरी तीज तिथि और मुहूर्त
28 अगस्त 2018 को रात्रि 20:41:26 से तृतीया आरम्भ
29 अगस्त 2018 को रात्रि 21:40:13 पर तृतीया समाप्त

Raksha Bandhan 2018: जानिए राखी बांधने का सही तरीका और मुहूर्त जिससे भाई की उम्र होगी लंबी

फैमिली गुरु: ये 5 महाउपाय चमकाएगा आपका भाग्य, होंगे मालामाल

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App