नई दिल्ली. होली का त्योहार देशभर में 9-10 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा. होली पर इस साल ग्रहों का ऐसा बड़ा संयोग बन रहा है जो करीब 499 साल से पहले बना था. बताया जा रहा है कि होलिका पूजन के साथ इस बार होलिका दहन भी काफी विशेष होगा. होली के इस संयोग की वजह से देश में सुख समृद्धि और शांति का पूर्ण वास होगा. आइए जानते हैं विशेष संयोग के बारे में.

होली 2020 काफी खास है क्योंकि 499 साल बाद ग्रहों का बड़ा संयोग बन रहा है जो देश में सुख व शांति लाएगा. हिंदू पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन पूर्णिमा 9 मार्च को पड़ रही है जिस दिन होलिका दहन किया जाएगा. होली पर देवताओं के गुरु और न्याय के देवता शनि का विशेष संयोग बन रहा है. दोनों ग्रह अपनी- अपनी राशि में स्थित रहेंगे.

होलिका दहन वाले दिन सोमवार पड़ रहा है. वहीं मंगल और गुरु भी इस दिन एक साथ रहेंगे. यह संयोग बुद्धिजीवी वर्ग के लिए काफी अच्छा है. होली के इन संयोग में सभी मांगलिक कार्यों के साथ सुख- समृद्धि और शांति के मार्ग खुलेंगे.

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इस बार गुरु व शनि सूर्य के नक्षत्र में उतराषाढ़ा रहेंगे. यह सूर्य का नक्षत्र माना जाता है. शनि मकर में और गुरु धनु राशि में रहेंगे. ऐसा शुभ संयोग इससे पहले 3 मार्च साल 1521 में आखिरी बार बना था. उस समय भी यह ग्रह अपनी- अपनी राशि में स्थित थे. होली पर मेष राशि में शुक्र, धनु राशि में मंगल और केतु, मिथुन में राहू, कुंभ राशि में सूर्य और बुध और सिंह राशि में चंद्रमा रहेगा.

होली पर इस बार भद्र साया नहीं रहेगा. यूं तो हर बार होलिका दहन के दिन भद्रा होती है लेकिन इस बार दहन सवार्थ सिद्धि योग में होगा. एस्ट्रो गुरु की मानें तो होलिका दहन के लिए गोधूलि बेला का समय शाम 6.32 से 6.50 तक सर्वश्रेष्ठ माना गया है. दूसरी ओर 3 मार्च से होलाष्टक शुरू हो जाएगा. इस समय कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य को करने की रोक होगी.

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