नई दिल्लीः Holi 2019 Dates Calendar: 2018 की दीवाली बीत चुकी है और इसके बाद हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार होली ही आता है. लोग अब दीवाली के बाद होली की तैयारियां शुरू कर दिए हैं. खासकर वे लोग जो घर से दूर रहते हैं उन्हें अभी ही टिकट करानी होगी. ऐसे लोगों के लिए हम बता दें कि इस बार 2019 में होली 21 मार्च दिन गुरूवार को पड़ रहा है. वहीं इस बार होलिका दहन 20 मार्च दिन बुधवार को पड़ रहा है. अगर आप लोगों को होली की रेल टिकट करानी हो और अगर आप उत्तर प्रदेश या बिहार से ताल्लुक रखते हैं तो अपनी टिकट जरूर बुक करा लें, क्योंकि यह सबसे व्यस्ततम रूट में से एक है. इस रूट पर होली, दीवाली और छठ में बहुत ही मुश्किल से टिकट मिलता है.

होली होलिका दहन 2019, तारीख और मुहुर्त (Holika Dahan 2019 Date Puja Time and Muhurat)

वहीं होलिका दहन 20 मार्च 2019 दिन बुधवार को पड़ रहा है. होलिका दहन की में टाइमिंग यानी मुहुर्त का भी बहुत अर्थ होता है. लोग उचित समय पर होलिका दहन करें तो ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के अनुसार उसका फायदा बहुत अधिक होता है. इस बार होलिका दहन काफी देर से होगा. सामान्यतया यह शाम 4 बजे के बाद होता है लेकिन इस बार भद्र मुख के कारण होलिका दहन का कार्यक्रम थोड़ी देर से शुरू होगा. मुंबई वासियों और पश्चिम भारत को होलिका दहन के लिए काफी कम समय मिलेगा, जो कि 10 मिनट है. यह 8.57 से शुरू होकर 9.09 तक चलेगा. वहीं दिल्ली और उत्तर भारत में यह 8.57 से शुरू होगा और देर रात 12.28 तक चलेगा.

होली 2019 तारीख और समय (Holi 2019 Dates and Time)

इस बार होली 21 मार्च, 2019 को पड़ रहा है, जो कि दिन गुरूवार को आ रहा है. इस बार होली खेलने का मुहुर्त सुबह 8 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक है. इस दौरान पूरे देश भर में होली खेली जाएगी. इस दौरान मथुरा, वृंदावन और बरसाने की होली काफी प्रसिद्ध होती है. देश विदेश सो लोग यहां की लठ्ठमार होली देखने और खेलने आते हैं.

होली होलिका दहन महत्व (Holika Dahan Signification and History)

होली में होलिका दहन का अपना ही महत्व है. कहा जाता है कि होलिका नाम की एक राजकुमारी को अग्नि के ताप से अप्रभावित होने का वरदान प्राप्त था. लेकिन भगवान विष्णु के एक उपासक प्रहलाद ने अपनी बुआ होलिका के इस घमण्ड को तोड़ दिया था. माना जाता है कि होलिका जब अपने भतीजे के साथ अग्नि में प्रवेश की तो वह जल गईं, जबकि प्रहलाद बच गए. उसके बाद से यह होलिका दहन मनाया जाता है. लोग शाम के वक्त अपने घर के बाहर लकड़ी इकट्ठा करते हैं और उसे जलाते हैं और खुद की बुराईयों को भी जलाने की प्रार्थना करते हैं.

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