नई दिल्ली : साल 2021 में कुंभ मेला लगने जा रहा है. यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक कार्यक्रम है. जिसमें दुनियाभर के अलग अलग हिस्सों से लोग आते हैं. वैसे तो भारत में हर 12 वर्ष में हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में कुंभ का आयोजन किया जाता है. लेकिन इस बार का कुंभ मेला हर बार से कुछ अलग होने जा रहा है. दरअसल, इस साल इतिहास में पहली बार हो रहा है कि 12 साल की बजाए 11वें साल में कुंभ का आयोजन हुआ है. जिसके चलते 2022 में लगने वाला कुंभ मेला इस साल 2021 में हरिद्वार में लगने जा रहा है. क्योंकि ग्रह-गोचर चल रहे हैं.

लिहाजा, जब कुंभ राशि का गुरु आर्य के सूर्य में परिवर्तित होता है. अर्थात गुरु, कुंभ राशि में नहीं होंगे. इसलिए इस बार 11वें साल में कुंभ का आयोजन हो रहा है. 83 वर्षों की अवधि के बाद, इस वर्ष यह अवसर आ रहा है. इससे पहले, इस तरह की घटना वर्ष 1760, 1885 और 1938 में हुई थी.

14 जनवरी 2021 को इस साल कुंभ मेले की शुरुआत हो रही है. इस बार का भव्य कुंभ मेला हरिद्वार में लगने जा रहा है. जिसकी सारी तैयारी पूरी कर ली गई है. कुंभ मेला हिंदुओं के सबसे शुभ और सबसे बड़े अनुष्ठानों में से एक है. मान्यताओं को अनुसार, इस तरह की परंपरा समुंद्र मंथन के बाद से शुरू हुई जब अमृत की बूंदें मृदुलोक सहित 12 स्थानों में बिखरी हुई थीं. कहते हैं इस अमृत कलश के लिए भगवान और दानवों के बीच रस्साकशी भी हुई थी. 14 जनवरी से शुरू होने जा रहा है कुंभ अप्रैल 2021 तक जारी रहेगा.

मना जाता है कि कुंभ मेले के दौरान गंगा में स्नान करने से सभी पाप और रोगों से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष प्राप्त होता हैं. इस वजह से हर साल कुंभ में लाखों लोग डूबकी लगाने आते हैं. आपको बता दें कि इस साल कुंभ मेले के दौरान 4 शाही स्नान होंगे. हालांकि कोरोने प्रोटोकॉल के चलते सावधानी के साथ ही लोग स्नान कर कर पाएंगे.

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