नई दिल्ली/ हरिद्वार महाकुंभ में साधु संतो के अखाड़ों का आना शुरू हो गया है. हरिद्वार की सड़कों पर अखाड़े हाथी और घोड़ों से झांकियों के साथ कुम्भ इलाके में दाखिल होकर अपने आसन जमा रहे हैं. हज़ारों की संख्या में आ रहे साधु संत अप्रैल के महीने में चार मुख्य स्नान के बाद लौट जाएंगे. शाही स्नान से पहले साधुओं ने अपना भस्म करतब दिखाया हैं. देखिए वीडियों.

महाकुंभ के दौरान निरंजन अखाड़ा, जूना अखाड़ा और पंचायती अखाड़ा के साधुओं के साथ किन्नर साधु और नगा साधुओं ने भी हरिद्वार में अपने-अपने अखाड़ों के ध्वज फहराना शुरू कर दिया है. अगली शिवरात्रि को गंगा स्नान होगा, जिसे कुंभ स्नान के रिहर्सल के तौर पर देखा जाएगा. कुछ साधु संतो के लिए उत्तराखंड और भारत सरकार की कोविड गाइड लाइंस को लेकर भी नाराज है. अखाड़े का कहना है कि जब चुनावी रैलियों में कोई रोक नहीं तो सरकार कुंभ में कथा, भंडारे और लोगों के आने पर क्यों प्रतिबंध लगा रही है?

बता दें कि इस साल कोरोना महामारी के वजह से इस बार कुंभ मेले की अवधि घटा दी गई है. इस साल महाकुंभ मेला 1 से 30 अप्रैल तक ही चलेगा. हालांकि इस बार कुंभ स्नान के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य है. इस साल 12 अप्रैल, 14 अप्रैल और 27 अप्रैल को सही स्नान के साथ महाकुंभ सम्पन्न होगा. कोविड गाइडलाइन्स के अनुसार सभी आश्रम, धर्मशाला, होटल आदि में रहने वाले वाले प्रत्येक व्यक्ति को हरिद्वार आने की तारीख से 72 घंटे पहले तक की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आना अनिवार्य है.

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