नई दिल्ली: Lohri 2018 का त्योहार पंजाब सहित देश-विदेश में मनाया जाता है. देशभर में लोहड़ी पर्व की धूम इस साल 13 जनवरी 2018 को सुनने को मिलेगी. हम आपको लोहड़ी 2018 पूजा शुभ मुहूर्त के बारे में बताएंगे. लोहड़ी 2018 के बाद अगले दिन हिंदुओं का पर्व मकर संक्राति मनाई जाती है. क्या है लोहड़ी पर्व के कहानी और क्यों की जाती है अग्नि (बोनफायर) की पूजा ये भी जानिए. लोहड़ी पूजा के बाद अन्य सभी लोगों में प्रसाद को वितरित किया जाता है. मकर संक्राति में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इसी दिन से हर मांगलिक कार्य होने आरंभ हो जाते हैं.

लोहड़ी 2018 पूजा शुभ मुहूर्त

13 जनवरी 2018 को धूमधान से मनाए जाने वाले लोहड़ी के त्योहार का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजे के बाद का है. शाम 6 बजे के बाद आप लोग किसी भी समय आग जलाकर पूजा शुरू कर सकते हैं. इस पर्व के पीछे की कहानी कुछ यूं है कि ऐसी मान्यता है कि किसान खेत में आग जलाकर अग्नि देवता से अपनी जमीन को आशीर्वाद देकर उसकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रार्थना करते हैं.

क्या है लोहड़ी नाम पड़ने के पीछे की वजह

फसल कटाई की वजह से इस त्योहार को लोहड़ी का नाम दिया गया है, इसके अगले दिन माघी संगरांद मनाई जाती है. इसका मतलब होता है कि पंजाबी किसानों के लिए नए आर्थिक साल की शुरुआत. गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और पॉपकॉर्न जैसे प्रसाद को आग (अग्नि) में डाला जाता है. लोहड़ी पर्व पर गज्जक, सरसों दा साग और मक्के दी रोटी बनाई जाती है. पुरानी चलती आ रही परंपरा को जो लोग मानते हैं वो घर में तिल चावल बनाते हैं. आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि ये मीठा चावल गुड़ और तिल के बीज मिलाकर बनाया जाता है.

लोहड़ी 2018: ये हैं लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी की कहानी और सुंदरी मुंदरिये गीत का महत्व

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App