नई दिल्ली. इस साल छठ पूजा 31 अक्टूबर से 3 नवंबर को मनाया जाएगा. महापर्व छठ पूजा की शुरूआत कब हुई इसको लेकर कई कथाए है. महापर्व छठ पूजा चार दिनों तक मनाया जाता है. भैयादूज के तीसरे दिन से पर्व की शुरूआत होता है. छठ पूजा के पहले दिन सेन्धा नमक, घी से बना हुआ अरवा चावल और कद्धू की सब्जी प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. इसके दूसरे दिन से उपवास शुरू होता है. छठ व्रती दिनभर अन्न-जल का त्याग कर शाम के 7 बजे खीर बनाकर, पूजा करने के बाद ग्रहण करते हैं, इस विधि को खरना कहा जाता है. तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्ध्य देकर यानी दूध अर्पन करते हैं. महापर्व छठ पूजा के अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्ध्य चढ़ाने के बाद इस पर्व का समापन होता है.

आइए अब जानते हैं महापर्व छठ पूजा की पौराणिक कथा के बारे में – पौराणिक कथा के अनुसार प्रथम मनु राजा प्रियव्रत की कोई संतान नहीं थी. राजा प्रियव्रत ने कश्यप ऋषि से संतान प्राप्ति के उपाए के बारे में जानकारी मांगी. महार्षि ने राजा से पुत्रष्ठि यज्ञ करने के लिए कहा. इससे राजा की पत्नी को एक पुत्र को जन्म दिया लेकिन पुत्र मृत पैदा हुआ. जिससे राजा प्रियव्रत और उनकी पत्नी के उपर पहाड़ टूट पड़ा. मृत शिशु को छाती से लगाकर राजा प्रियव्रत और उनकी पत्नी जोर-जोर से रोने लगें.

उस दौरान एक अजीब घटना घटी. एक ज्योतियुक्त विमान पृथ्वी की और आया. उस विमान में दिव्याकृति नारी बैठी हुई दिखी उन्होंने राजा प्रियव्रत से कहा कि मैं ब्रह्मा की मानस पुत्री हूं. मैं संतान प्राप्त करने वालों को संतान प्राप्ति की वरदान देती हूं. देवी ने मृत बालक के शरीर का स्पर्श किया और बालक जीवित हो उठा.

यहां पढ़िए महापर्व छठ पूजा की पहली, दूसरी और तीसरी पौराणिक कथा- Chath Puja 2019 Date : महापर्व छठ की शुरुआत कब हुई और भगवान राम ने सूर्य देव का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत में क्या किया था, जानें पहली कहानी

Chath Puja 2019 Date : महापर्व छठ की शुरुआत कब हुई और कर्ण सूर्य भगवान की आराधना क्यों करते थे, जानिए महापर्व छठ की दूसरी पौराणिक कथा

Chath Puja 2019 Date : महापर्व छठ की शुरुआत कब हुई और सास-बहू ने क्यों की थी सूर्य देव की पूजा, जानिए महापर्व छठ की तीसरी पौराणिक कथा

महाराज प्रियव्रत ने अनेक प्रकार से देवी की स्तुति की. जाने के समय देवी ने कहा कि आप ऐसी व्यवस्था करें कि पृथ्वी पर हमेशा मेरी पूजा हो. इसके बाद राजा प्रियव्रत ने छठ व्रत की शुरूआत की. उसी दिन से महापर्व छठ पर्व लोग मनाते आ रहे हैं. भारत में सूर्य की उपासना ऋग वैदिक काल से होती चली आ रही है. सूर्य और इसकी उपासना की चर्चा विष्णु पुराण, भगवत पुराण ब्रह्मा वैवर्त पुराण में विस्तार से की गई है. मध्यकाल तक सूर्य उपासना के व्यवस्थित पर्व के रूप में स्थापित हो गया जो आज तक चला आ रहा है.

वीडियो साभार- राजश्री प्रो़डक्शन

 

Also Read, ये भी पढ़े- Happy Chhat Puja 2019 Shayari in Hindi: इस छठ अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें ये खास हैप्पी छठ पूजा शायरी

Chhath Puja 2019: नहाय-खाय के साथ 31 अक्टूबर को शुरू होगा महापर्व छठ, जानें भद्रा योग, तिथि समेत सभी जानकारी

Chhath Puja 2019: छठ पूजा के लिए इस तरह तैयार करें घाट, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App