नई दिल्ली. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती का शुभ अवसर मनाया जाता है. ऐसे में इस बार चैत्र मास में दो पूर्णिमा का संजोग है, जिसमें पहली पूर्णिमा गुरुवार और दूसरी पूर्णिमा शुक्रवार 19 अप्रैल हनुमान जयंती के खास मौके पर है. गुरुवार 18 अप्रैल देश में चैत्र पूर्णिमा के साथ-साथ 19 अप्रैल को हनुमान जयंती का उत्सव मनाया जाएगा. पहली पूर्णिमा व्रत और दूसरी स्नान दान पूर्णिमा के लिए मनायी जाएगी. हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व है. इसके साथ ही हनुमान जयंती के अवसर पर होने की वजह से इस बार की पूर्णिमा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. ऐसे में आपको बताने जा रहे हैं कि पूर्णिमा के दिन कैसे भगवान हनुमान की पूजा किया जाए.

भगवना हनुमान ने अपने पूरे जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन किया, इसलिए जो लोग हनुमान जयंती पर हनुमान जी का व्रत रखते हैं, उनके कम से कम दिन के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करने कि सलाह दी जाती है. लोग मंदिर में जाकर भगवान हनुमान की पूजा करते हैं. मंदिरों में हनुमान जी की मूर्तियों को हिंदू पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला पवित्र धागा जनेऊ का अर्पण किया जाता है. इसके साथ ही हुनमान जी को लाल सिंदूर भी चढ़ाया जाता है. व्रत रखने और पूजा करने वाले लोग भगवान हनुमान की पूजा करने करने के साथ-साथ रामचरित मानस के श्लोकों का भी जप करते हैं. इसके अलावा हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जाता है.

हनुमान जी भगवान शिव के 11वें अवतार का रूप हैं. हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक होने के कारण भगवान हनुमान का जन्म दिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. भगवान हनुमान का जन्म पवन देव (वायु के देवता) और रानी अंजनी के ङर हुआ था. अपने चरम शक्तियों और ताकत के लिए मशहूर हनुमान जी भगवान राम के बहुत बड़े भक्त थे. हनुमान जी ने भगवान राम से मिलने के लिए काफी परेशानियों को झेला था.

भगवान हनुमान लंका की अपनी यात्रा में भगवान राम के साथियों में से एक थे. हनुमान जी ने हमेशा भगवान राम और माता सीता की अपने माता-पिता के रूप में पूजा की थी. इसलिए जब बात भक्ति की आती है तो उसमें सबसे ऊपर वीर हनुमान का नाम आता है.

Hanuman Jayanti 2019: हनुमान जंयती पर बन रहे इस शुभ संयोग पर करें ये उपाय पूर्ण होंगी सभी मनोकामनाएं

Hanuman Jayanti 2019: हनुमान जयंती पर इस विधि से पूजन कर पढ़ें हनुमान चालीसा, जानें महत्व