नई दिल्ली : हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व माना जाता है. इन दिनों मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विधि विधान से पूजा की जाती है. वैसे को साल में मुख्य रूप से नवरात्रि शरद और चैत्र माह में आते हैं. लेकिन शास्त्रों में चार प्रकार के नवरात्रि व्रत का उल्लेख किया गया है. जिसमें शरद नवरात्रि, चैत्र नवरात्रि, माघ नवरात्रि और आषाढ़ नवरात्रि शामिल है. इन में से दो माघ और आषाढ़ नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि के नाम से जानते हैं. बता दें कि इस साल माघ मास के गुप्त नवरात्रि 12 फरवरी 2021 (शुक्रवार) से शुरू हो रहे हैं.

गुप्त नवरात्रि का शुभ मूहुर्त

नवरात्रि शुरू 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार
नवरात्रि समाप्त 21 फरवरी 2021 दिन रविवार
कलश स्थापना मुहूर्त- सुबह 08 बजकर 34 मिनट से 09 बजकर 59 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक

इन महाविद्याओं से करें मां दुर्गा को खुश

बता दें कि माघ मास की गुप्त नवरात्रि जनवरी या फरवरी महीने में मनाई जाती है. जबकि आषाढ़ नवरात्रि जून-जुलाई के महीने में आते हैं. इन दिनों भक्तों के अलावा तांत्रिक मां दुर्गा को 10 महाविद्याओं से प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं. गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से साधुओं, तांत्रिकों द्वारा मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए व तंत्र साधना के लिए मनाया जाता है. गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा शांति से की जाती है. मान्यता है कि अगर मां दुर्गा किसी से प्रसन्न हो जाती हैं तो काफी लाभ प्राप्त होता है. कहते है इन दिनों मां दुर्गा की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित कर लाल रंग का सिंदूर और सुनहरे गोटे वाली चुनरी अर्पित की जाती है. इसके बाद मां के चरणों में पानी वाला नारियल, केले, सेब, खील, बताशे और श्रृंगार का सामान अर्पित किया जाता है ऐसा करने से मां दुर्गा काफी प्रसन्न होती है.

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