नई दिल्ली: गोवर्धन की पूजा प्रथा पौराणिक काल से चली आ रहा हैं। कहां जाता हैं कि भगवान इन्द्र ने क्रोधित होकर मूसलाधार वर्षा कर दी थी तब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को छोटी अंगुली से उठा कर बृजवासियों व जीव-जंतुओं आदि को बचाया था। तब से गोवर्धन पर्वत को माना जाता हैं साथ ही पूजा जाता हैं। वहीं इस दिन गाय के गोबर से भगवान कृष्ण की आकृति बना भोग लगा विधि विधान से पूजा की जाती हैं।

 

गोवर्धन पूजा श्रेष्ठ मुहूर्त

साल 2020 में गोवर्धन पूजा का शुभ समय 15 नवंबर 2020 को सुबह 10:36 से अगले दिन यानि की 16 नवंबर 2020 को सुबह 07:06 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार समय का विशेष ध्यान रखते हुए गोवर्धन की पूजा करें ताकि भगवान कृष्ण का आर्शीवाद आप पर बना रहें। वहीं यदि आप सांयकाल के समय पूजा करते हैं तो समय 3:19 मिनट से लेकर शाम 5:27 तक रहेगा। इस प्रकार गोवर्धन की पूजा विधि विधान अनुसार भोग लगाकर पूर्ण रुप से करें।

 

गोवर्धन पूजा विधि

-सबसे पहले सही दिशा का चयन करें।

-अब घर के आंगन के बीच की जगह को स्वच्छ कर लें।

-साफ किए गए स्थान पर गोवर्धन की आकृति बनाएं।

-अब रोली, चावल, बताशे, खीर व दूध, जल, केसर आदि लगा गोवर्धन की पूजा करें।

-दीपक जलाकर अब परिवार सहीत गोवर्धन की आरती कर पूजा सम्पन्न करें।

-इस प्रकार गोवर्धन की पूजा भगवान कृष्ण की कृपा आप पर बनी रहती हैं।

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