नई दिल्लीः Ganesh Chaturthi 2018: इस साल 13 सितंबर को गणेश भगवान का पर्व गणेश चतुर्थी मनाया जाएगा. इस दौरान मोदक गेंदे के फूल, दूब घास, केला चढ़ाकर और शंख बजाकर भगवान गणेश को प्रसन्न किया जाता है. बता दें कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा से जीवन के विघ्न दूर होते हैं. वहीं गणपति महोत्सव में भगवान की मूरत काफी मायने रखती है. ऐसे में जिन्हें मोक्ष प्राप्त करने की इच्छा होती है उन्हें सफेद रंग के गणपति की स्थापना करनी चाहिए. अगर आपको धन लाभ की इच्छा है तो हरे रंग के गणपति को घर लाएं लेकिन इस सब से बावजूद सफलता तब मिलेगी जब आप तीनों समय भगवान गणेश की पूजा और जप करेंगे.

गणेश चतुर्थी 2018 12 सितंबर को अपराह्न से शुरु होकर 13 सितंबर के अपराह्न तक रहेगी. ऐसे में 12 और 13 सितंबर को चांद को देखने के बचना चाहिए क्योंकि ऐसा न करने पर आप पर झूठा कलंक लग सकता है. वहीं कलंक से बचने के लिए हर दूज को चंद्रमा के दर्शन कर लेने चाहिए. 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के आखिरी दिन 23 सितंबर को मूर्ति विसर्जन होगा. कहा जाता है कि हर साल भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है क्योंकि इस काल में गणपति बप्पा का जन्म हुआ था.

भगवान गणेश की स्थापना और पूजन का समय

13 सितंबर 2018 को गुरुवार के दिन शुरु हो रहा गणेश चतुर्थी 23 सितंबर 2018 को अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन के दिन तक चलेगा. सुबह 11:03 से 13:30 तक मध्याह्न काल में गणेश पूजन और स्थापना होगी.

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