Dussehra 2020: बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के तौर पर हम हर साल दशहरा मनाते हैं. जाने कितने सालों से दशहरा के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला दहन किया जाता रहा है. इन तीनों पुतलों को हम बुराई के प्रतीक के तौर पर जलाते हैं लेकिन एक सच ये भी है कि रावण महाज्ञाता था जिसने अपने ज्ञान के अहंकार में आकर कई पाप किए. लेकिन ये भी सच है कि रावण से बड़ा पंडित कोई दूसरा नहीं था. रावण ने एक ग्रंथ लिखा था जिसका नाम था रावण संहिता जिसमें कहा जाता है कि हर उस दुख-दर्द का समाधान लिखा है जिसे आप भोग रहे हैं. रावण ने इस ग्रंथ में हर समस्या को विस्तृत तौर पर बताया साथ ही ये भी बताया कि आप उस समस्या से कैसे छुटकारा पा सकते हैं.

रावण संहिता के कुछ उपाय आज हम आपको इस आर्टिकल के जरिए बताने जा रहे हैं इस उम्मीद के साथ की रावण संहिता के उपाय आपकी जिंदगी में सुख समृद्धि लाएं और जिन परेशानियों का आप सामना कर रहे हैं उससे आपको जल्द छुटकारा मिले.

  • सबसे पहले अगर आप आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं तो चालीस दिनों तक ऊं सरस्वती ईश्वरी भगवती माता क्रां क्लीं श्रीं श्री मम धनं देहि फट् स्वाहा मंत्र का जाप करें. इस मंत्र के जाप से आपकी आर्थिक तंगी दूर हो जाएगी.
  • अगर आपको अधिक धन चाहिए और आप माता लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो दूर्वा यानी घांस को चंदन में मिलाकर उसी दूर्वा से अपने माथे पर तिलक करें. इससे आपको धन लाभ होगा.
  •  अगर आपका काम धंधा बिलकुल नहीं चल रहा तो आप लगातार 21 दिनों तक ऊं श्रीं क्लीं नम: ध्व: ध्व: स्वाहा मंत्र का जाप करें.
  • अगर आपको धन के साथ-साथ यश भी चाहिए तो आपको बेलपत्र पीसकर उसे चंदन की तरह माथे पर लगाना चाहिए. ऐसा करने से आपको भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी और आपका यश बढेगा.
  • अगर आपका धन कहीं फंस गया है और आपका वो पैसा निकल नहीं रहा है तो आप ऊं नमो विध्नविनाशाय निधि दर्शन कुरु कुरु स्वाहां मंत्र का 10 हजार बार चाप करें, ऐसा करने से आपका फंसा हुआ पैसा आपको मिल जाएगा.
  • ये सारे उपाय रावण संहिता में बताए गए हैं जिनका कई लोग कई युगों से इस्तेमाल कर रहे हैं. ये सभी उपाय सिद्ध उपाय हैं जिसको करने से निश्चित ही लाभ होगा.

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