Saturday, December 10, 2022
गुजरात नतीजे (182/182)  हिमाचल नतीजे (68/68) 
BJP - 156 BJP - 25
AAP - 05 CONG - 40 
CONG - 17  AAP - 00
OTH - 04  OTH - 03 

गुजरात में भाजपा की प्रचंड जीत पर क्या बोला विदेशी मीडिया ?

0
गांधीनगर. बीते दिन गुजरात और हिमाचल चुनाव के नतीजे आए हैं. गुजरात में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की है. भाजपा...

पठान: फिल्म का पहला गाना बेशर्म रंग, गोल्डन बिकनी में दीपिका ने दिखाया जादू

0
मुंबई: शाहरुख खान इन दिनों खूब चर्चा में है और उतनी ही चर्चा में हैं उनकी फिल्म पठान। मेकर्स फिल्म को लेकर दर्शकों को...

गुजरात-हिमाचल के नतीजों का राजस्थान कनेक्शन, गहलोत नपेंगे?

0
नई दिल्ली. गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव के नतीजे आ गए हैं, एक राज्य में कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी तो वहीं दूसरे...
vaani kapoor

इस एक्ट्रेस के बेटे ने ही कर दी माँ की हत्या, नदी में फेंका...

0
मुंबई: सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता रहता है। कुछ दिनों से जुहू में एक 74 वर्षीय महिला की हत्या...

बिग बॉस 16: शहनाज को देखकर सलमान खान को आया सीजन-13 याद, अभिनेत्री से...

0
मुंबई; बिग बॉस 16 के अपकमिंग एपिसोड में शहनाज गिल अपना नया गाना घनी सयानी’ का प्रमोशन करने पहुंची थी। जी हाँ! अभिनेत्री उसी...

Chandra Grahan 2022 : हर साल पूर्णिमा को ही क्यों लगता है चंद्र ग्रहण ? जानें वजह

नई दिल्ली. आठ नवंबर को इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है, ये ग्रहण देव दीपावली के दिन लगने वाला है. इस दिन कार्तिक पूर्णिमा भी है, ये चंद्र ग्रहण भारत में नज़र आएगा इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा.

ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, किसी भी ग्रहण का लोगों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, इससे पहले 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लगा था और 15 दिन के भीतर ही ये दूसरा ग्रहण लगने जा रहा है, अब अगर ज्योतिषाचार्यों की मानें तो 15 दिन के भीतर दो ग्रहण होना शुभ नहीं माना जाता है. ऐसे में कुछ राशियों पर साल का अंतिम चंद्र ग्रहण अशुभ प्रभाव पड़ेगा, लेकिन कुम्भ राशि के जातकों के लिए ये ग्रहण बहुत ही शुभ है.

चंद्र ग्रहण का समय

साल 2022 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण भारतीय समय के मुताबिक 8 नवंबर, मंगलवार, को करीब 5:32 से शुरू होगा और सायं 7:27 बजे तक रहेगा.

सूतक काल

चंद्र ग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले से शुरू हो जाता है, इसलिए इस दिन सूतक काल सुबह 9 बजकर 32 मिनट से शुरू हो जाएगा, बता दें साल का अंतिम चंद्र ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा इसीलिए इसका सूतक काल मान्य होगा.

इसलिए पूर्णिमा पर लगता है ग्रहण

जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है और तीनों के एक ही सीध में आ जाते हैं, ऐसे में चंद्रमा तक सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती ऐसी घटना को चंद्र ग्रहण ​कहा जाता है. विज्ञान के मुताबिक, जब भी चंद्रमा पृथ्‍वी की छाया में आता है, तो वह पूर्णिमा का दिन होता है. पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगने का कारण है सूर्य, पृथ्‍वी और चंद्रमा का एक ही सीध में होना, इसीलिए चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन लगता है.

EWS आरक्षण के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने 3-2 के बहुमत से दिया फैसला, जानिए पांचों जजों ने क्या कहा?

झारखण्ड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष का विवादित बयान, बीजेपी के लोगों को पटक-पटक के मारने के लिए उकसाया

 

Latest news