नई दिल्ली: इस वर्ष 16 जुलाई को खग्रास चंद्र ग्रहण होने वाला है. यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में देखा जा सकेगा. यह चंद्र ग्रहण आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन यानी कि 16 जुलाई की रात में पड़ रहा है. पिछले साल भी चंद्र ग्रहण आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन ही लगा था. 16 जुलाई को होने वाली इस अद्भुत खगोलीय घटना की अवधि करीब तीन घंटे तक रहेगी. 16 की रात करीब 1.32 बजे ग्रहण की शुरुआत होगी और रात 3 बजे तक ग्रहण का मध्य रहेगा और सुबह 4.30 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा. कुल मिलाकर करीब 3 घंटे तक लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे.

इस साल का चंद्र ग्रहण भी गुरु पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है. ज्योतिष विद्या के मुताबिक चंद्र ग्रहण का प्रभाव भारतीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है. राजनीति से संबंध रखने वाले लोग जिनकी राशि मेष,वृष, कन्या, वृश्चिक, धनु व मकर है उन्हें इससे फायदा होगा. चंद्रमा की राशि कर्क में मंगल तथा बुध का गोचर वर्षा ऋतु के चक्र को प्रभावित करने वाला है. यह चंद्रग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा. यह चंद्र ग्रहण मंगलवार और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में पड़ रहा है. इसके प्रभाव से राजनीतिक उथल-पुथल के साथ ही प्राकृतिक आपदा की स्थिति बनने की संभावना है. वहीं 2 जुलाई को होने वाले पूर्ण सूर्य को भारत में नहीं देखा जा सकेगा और इसका प्रभाव भारत में नहीं पड़ेगा.

क्या होता है चंद्र ग्रहण
जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी छाया में आ जाता है तो उस खगोलीय स्थिति को चंद्र ग्रहण कहते हैं. ऐसा तभी संभव हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में हों. तो इस तरह चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा को ही घटित हो सकता है. चंद्र ग्रहण शुरू होने के बाद यह पहले काले और फिर धीरे-धीरे लाल रंग में बदल जाता है. सूर्य ग्रहण को आप आंखों पर बिना किसी सुरक्षा के नहीं देख सकते हैं. वहीं इसके उलट चंद्र ग्रहण को आप बिना किसी सुरक्षा के देख सकते हैं.

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