नई दिल्ली/ 50 साल पुराना चांदनी चौक के हनुमान मंदिर को डेढ़ महीने पहले NDMC द्वारा हटा दिया गया था. तो अचानक डेढ़ महीने बाद स्थानीय लोगों ने रातों रात फिर हनुमान मंदिर बना दिया. इस मंदिर के बनाए जाने का पता शुक्रवार को चला और मंदिर में हनुमान जी की वहीं पुरानी मूर्ति रखी गई जो उस मंदिर में पहले थी. बता दें कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम की दुकान से बृहस्पतिवार की रात को ही मूर्ति को लाया गया और मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया.

बता दें कि इस मंदिर को एक दिन पहले स्थापित किया जाना था. लेकिन कुछ वजह से कल स्थापित नहीं हो पाया था. खैर स्थानीय लोगों ने मिलकर बृहस्पतिवार की रातों रात स्टील ओर लोहे से दूसरा हनुमान मंदिर तैयार कर दिया. सोचने की बाद यह है कि रातो रात में स्टील ओर लोहे से हनुमान मंदिर का निर्माण कार्य पूरा भी ही गया और स्थानीय निकाय और पुलिस प्रशासन को इसका पता भी नहीं चला. हालांकि सुबह जब लोग मंदिर पहुंचे तो उन्होंने दर्शन किए और फिर जय श्री राम और बजरंग वाली के नारे लगाए.

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जानकारी मिलने पर पहुंची दिल्ली पुलिस ने मंदिर निर्माण को लेकर महंत से कर्इ सवाल पूछे कि मंदिर कब बना? किसने बनाया? पीडब्ल्यूडी इस जमीन की मालिक है? तो क्या उससे इजाजत ली? क्या महंत यहां पूजा करने के लिए तैयार है? और मंदिर निर्माण कोर्ट के आदेश की अवमानना है. इस पर महंत ने कहा कि मंदिर जनता ने बनाया है. जनता ने ही आरती की. किससे इजाजत ली यह तो जनता ही बताएगी, लेकिन सेंट्रल वर्ज पर मंदिर बन जाने से कोई यातायात प्रभावित नहीं होगा.

गौरतलब है कि जनवरी के पहले सप्ताह में चांदनी चौक सेंट्रल वर्ज पर हनुमान मंदिर की तोड़ा गया था. इस पर उत्तर दिल्ली नगर निगम ने सफाई दी थी यह मंदिर तोड़ा नहीं गया, बल्कि यहां से हटाया गया है. यहां पर मंदिर हटाने के दौरान नगर निगम ने पीपल के पेड़ को भी काट दिया था.

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